फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महापंचायत में किसान आंदोलन तेज करने की बनेगी रणनीति

विज्ञापन
मुंड़ियाकी गांव में पांच सितंबर को मुजफ्फनगर में होने वाली महापंचायत को लेकर आयोजित बैठक में वि? - फोटो : ROORKEE
विज्ञापन
पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाएगी। साथ ही किसानों की समस्याओं पर भी मंथन होगा। महापंचायत में अधिक से अधिक किसानों के पहुंचने के लिए यूनियन जनसंपर्क अभियान चला रही है। ये बातें भाकियू के जिलाध्यक्ष ने प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में प्रेसवार्ता के दौरान कहीं। उधर, उत्तराखंड किसान मोर्चा की ओर से भी विभिन्न गांवों में आयोजित पंचायतों में पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया गया।
विज्ञापन

बुधवार को भाकियू के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री ने कहा कि पांच सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से मुजफ्फरनगर में महापंचायत बुलाई गई। इसमें कृषि कानून वापस लेने और किसानों की समस्याओं पर चर्चा होगी। कृषि कानून वापस लेने के लिए चल रहे आंदोलन को तेज करने की भी रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क किया जा रहा है। उन्हें महापंचायत में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस दौरान मंगलौर के मोहल्ला टोली में लंबे समय से जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि मोहल्ले में जलभराव की समस्या नासूर बन गई है। इस समस्या को लेकर भाकियू ने पालिकाध्यक्ष और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया था। तब उन्होंने तय समय तक समस्या का हल करने का आश्वासन दिया था। अब तय समय भी गुजर गया है। उन्होंने कहा कि यदि 27 अगस्त तक जलभराव की समस्या हल नहीं होती है तो 28 अगस्त को नगरपालिका परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश कोषाध्यक्ष सुक्रम पाल, प्रदेश उपाध्यक्ष रामपाल, जिला संरक्षक चमन लाल शर्मा, शमीम अहमद, मोहम्मद अजीम, असगर अली, नदीम मुस्तकीम मौजूद रहे।
विज्ञापन

दूसरी ओर बुधवार को गदरजुड्डा, थिथकी, मुंडियाकी और ऊदलहेड़ी में आयोजित पंचायत को संबोधित करते हुए उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों का शोषण कर रही है। किसानों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर को होने वाली महापंचायत को सफल बनाना होगा। उन्होंने कहा कि किसान संगठन अपनी मांगों को मजबूती से उठा रहे हैं। इनमें फसलों का उचित दाम दिलाने, कृषि कानूनों को वापस लिए जाने, गन्ने का बकाया भुगतान मय ब्याज तत्काल जारी करने आदि मांगें शामिल हैं। मौके पर चौधरी राजेंद्र सिंह, चौधरी महकार सिंह, चौधरी धर्मवीर प्रधान, धर्मेंद्र कुमार, कंवरपाल, चांदवीर मलिक, चौधरी सुरेंद्र लंबरदार, भूपेश शर्मा, प्रवीण कुमार मौजूद रहे।
--
किसानों से मुजफ्फरनगर पहुंचने का आह्वान
उकिमो और भाकियू की समितियों ने लक्सर, खानपुर क्षेत्र में किसानों से किया जनसंपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
लक्सर/खानपुर। कृषि कानूनों के विरोध में मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) ने किसानों से जनसंपर्क किया। साथ ही महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।
बुधवार को यूनियन की समितियों ने भुरना, भुरनी, नरोजपर, मिर्जापुर, न्यामतपुर, अब्दुल रहीमपुर, खेड़ी, अकोढ़ा कलां में किसानों से संपर्क कर कहा कि कृषि कानूनों को रद्द कर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के किसान लगभग नौ महीने से दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार करने के लिए पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत होनी है। इसलिए अधिक से अधिक किसान महापंचायत में भाग लें। इस दौरान भाकियू (अंबावता) के राष्ट्रीय सचिव नितिन चौधरी नीलू अनिल, रविंद्र चौधरी, परविंदर चौधरी, माया कश्यप, आशा देवी आदि मौजूद रहे। उधर, उकिमो के लक्सर ब्लॉक अध्यक्ष सतवीर प्रधान, जसवीर सिंह, अमृतपाल सिंह, सतवीर, कैप्टन दिलबाग सिंह ने बुक्कनपुर, ऐथल बुजुर्ग, बसेड़ी, सेठपुर, हिरनाखेड़ी, बहादरपुर खादर, बसेड़ा आदि गांवों में जाकर किसानों से महापंचायत में शामिल होने की अपील की। खानपुर में उत्तराखंड किसान मोर्चा के नरेंद्र चौधरी, संदीप कुमार, रणतेज सिंह ने ढाढेकी, मथाना, कुआं खेड़ा, मोहम्मदपुर, सहीपुर, याहियापुर, हस्तमौली, शाहपुर, मदारपुर के किसानों से महापंचायत में शामिल होने की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें