लंढौरा में एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी करती ड्रग्स विभाग की टीम।
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औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने रुड़की और लंढौरा में छापे मारकर पांच मेडिकल स्टोरों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी है। साथ ही सात दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। टीम ने विभाग से सभी मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है।
औषधि नियंत्रण विभाग उत्तराखंड के ड्रग कंट्रोलर पंकज कुमार पांडेय ने नकली और प्रतिबंधित दवाओं के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगाने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ औषधि निरीक्षक डॉ. सुधीर कुमार के नेतृत्व में टीम रुड़की पहुंची। सबसे पहले इमलीरोड स्थित मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। मेडिकल स्टोर स्वामी कुछ दवाओं का लेखाजोखा नहीं दिखा सका। इसके अलावा मेडिकल स्टोर पर काफी अनियमितताएं भी मिलीं। टीम ने यहां से कुछ दवाओं के सैंपल लिए। साथ ही मेडिकल स्टोर बंद कराकर दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी। इस दौरान टीम को आसपास के अन्य मेडिकल स्टोरों पर भी छापे मारने थे, लेकिन किसी ने पहले ही मेडिकल स्टोर स्वामियों को छापे की जानकारी दे दी।
इस पर अधिकतर मेडिकल स्टोर मालिक अपनी दुकानें बंद कर चलने बने। इसके बाद टीम लंढौरा पहुंची और चार मेडिकल स्टोरों पर चेकिंग की। ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि यहां भी मेडिकल स्टोर मालिक दवाओं का लेखाजोखा और बिल आदि नहीं दिखा पाए। इन मेडिकल स्टोर पर भी दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। मेडिकल स्टोरों से सात संदिग्ध दवाओं के सैंपल लिए गए हैं। उनको जांच के लिए लैब भेजा रहा है। कार्रवाई के दौरान किसी मेडिकल स्टोर पर फार्मेसिस्ट नहीं मिले तो किसी पर मालिक। जिन मेडिकल स्टोरों पर छापे मारे गए हैं, उनका लाइसेंस रद्द करने के लिए विभाग को सिफारिश की गई है। टीम में औषधि निरीक्षक और देहरादून विजिलेंस टीम के संजय सिंह नेगी, योगेंद्र सिंह नेगी शामिल रहे।