न्यायालय ने किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। साथ ही अनुसूचित जाति उत्पीड़न अधिनियम में दो साल की सजा एवं 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है। दोनों सजा एक साथ चलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक झबरेड़ा थाना क्षेत्र के डेलना गांव निवासी ओम सिंह के खिलाफ 24 जुलाई 2018 को किशोरी से दुष्कर्म एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस की ओर से 22 सितंबर 2018 को आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सुल्तान की अदालत में चल रही थी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने 20 मई को निर्णय सुरक्षित कर दिया था।
विशेष लोक अभियोजक विवेक कुश ने बताया कि दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायधीश मोहम्मद सुल्तान ने आरोपित ओम सिंह को बीस वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपित को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अनुसूचित एवं जनजाति अधिनियम में दोषी करार देते हुए उसको दो साल की कठोर कारावास एवं 10 हजार का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सभी सजा एक साथ चलेगी। इसके अलावा आरोपी द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश भी अपर सत्र न्यायाधीश ने दिया है।