यूक्रेन के पोलेंड बॉर्डर पर फंसे भारतीय छात्र।
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मंगलौर का एक छात्र यूक्रेन से निकलकर रोमानिया पहुंच गया है। छात्र ने फोन पर परिजनों को इसकी जानकारी दी है। रोमानिया पहुंचने पर छात्र के परिजनों ने राहत की सांस ली है। अन्य छात्रों के परिजन भी उनके रोमानिया पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद मंगलौर क्षेत्र के कई छात्र वहां फंसे हैं। परिजन लगातार उनसे संपर्क कर हाल जान रहे हैं। साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दे रहे हैं। मंगलौर निवासी जमीर हसन अंसारी के बेटे अरीब अंसारी भी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। परिजनों से बातचीत में अरीब अंसारी ने बताया कि भारतीय दूतावास की ओर से उन्हें छात्रावास में ही रुकने के निर्देश दिए गए हैं। भारत के अन्य शहरों के छात्रों से संपर्क कर उन्हें अपने छात्रावास में ही बुला लिया गया है और वह हर तरीके से उनकी मदद करने में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। सरकार के अगले आदेश तक मंगलौर क्षेत्र के अधिकतर छात्र अपनी यूनिवर्सिटी के छात्रावास में ही रुके हुए हैं। वहीं, मंगलौर के मोहल्ला किला निवासी मोहम्मद नदीम के बेटे राहिम ने परिजनों को फोन कर जानकारी दी कि वह शनिवार को रोमानिया के बॉर्डर पर पहुंच गए हैं। रोमानिया के रास्ते जल्द ही वह भारत आएंगे।
सीएम से की छात्रों को वापस लाने की मांग
पिरान कलियर। विधायक हाजी फुरकान अहमद ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर यूक्रेन में फंसे हरिद्वार समेत प्रदेश के छात्रों को सकुशल भारत वापस लाने की मांग की है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक हाजी फुरकान अहमद ने बताया कि कि यूक्रेन के हालात बेहद नाजुक हैं। तनावपूर्ण हालात के चलते यूक्रेन में फंसे हरिद्वार समेत उत्तराखंड सहित देश भर के छात्र वापस भारत लौटना चाहते हैं। यूक्रेन और रूस के बीच जंग शुरू होने के कारण छात्रों के परिजन काफी परेशान हैं। यूक्रेन के हालत और भी खराब होते जा रहे हैं। उन्होंने भारत और राज्य सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों व नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। विधायक ने बताया कि यूक्रेन में कुर्बान निवासी संघीपुर और मोहमद जीशान निवासी इमली रोड, रुड़की के परिजन लगातार उनसे संपर्क कर हाल जान रहे हैं। संवाद