जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में कोविड हेल्पलाइन में ड्यूटी देने वाले 76 शिक्षकों को कार्य मुक्त करते हुए उनकी मूल तैनाती पर भेज दिया गया है। उन्हें निर्धारित समय पर अपने-अपने स्कूलों में कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। डायट में सबसे ज्यादा रुड़की ब्लॉक के 24 शिक्षकों की ड्यूटी थी।
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने कुछ समय पहले ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को पत्र भेजकर कोविड कंट्रोल रूप में तैनात अतिरिक्त शिक्षकों को कार्यमुक्त कर मूल विद्यालय भेजने की मांग की थी। संघ के ब्लॉक मंत्री पंकज विश्नोई ने बताया कि वर्तमान में कोरोना के मामले बेहद कम हो गए हैं। एक दिन में एक या दो मामले ही आ रहे हैं जबकि डायट में खुले कंट्रोल हेल्पलाइन में 70 से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। वहां वर्तमान के काम को देखते हुए छह से सात शिक्षकों की ही जरूरत है। ऐसे में एक ओर जहां शिक्षक दिनभर खाली रहते हैं तो वहीं दूसरी ओर स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने छात्रों के हित में छह या सात शिक्षकों को छोड़कर बाकी को विद्यालयों में भेजने की मांग उठाई थी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी को इससे अवगत कराया। इस पर नोडल अधिकारी ने 76 शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया। इसमें रुड़की ब्लॉक से 24, भगवानपुर से 20, नारसन से 13, लक्सर से 14, बहादराबाद से चार और खानपुर ब्लॉक से एक शिक्षक कार्यमुक्त हुए हैं। उन्होंने ये भी निर्देश दिए है कि शिक्षक सीधे मूल विद्यालय में ज्वाइनिंग लें ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो सके।