ऋषिकेश। यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत ताल बांदनी क्षेत्र में इन दिनों ग्रामीणों में तांत्रिक बाबा का खौफ बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से बाबा को क्षेत्र से हटाने की मांग की है। इसके लिए ग्रामीणों ने राजस्व विभाग को पत्र भेजा है।
स्थानीय ग्रामीण विरेंद्र सिंह रावत, विमला देवी, कीर्तिवर्धन सिंह, मोहन सिंह, यशवंत सिंह, सत्यपाल सिंह रावत और अरविंद सिंह ने बताया कि सैजादा गांव में वर्ष 2019 में महाकाल गिरी ऊर्फ भूपेंद्र सिंह रावत जिला पंचायत के यात्री शेड में अपना एक ठिकाना बनाकर रहने लगा। कुछ महीनों तक बाबा का स्थानीय ग्रामीणों से तालमेल ठीक था। जिसके कारण कुछ ग्रामीणों की सहमति पर बाबा ने ताल क्षेत्र में जनवरी 2021 में एक मंदिर का निर्माण किया। उसके बाद बाबा वहीं रहने लगा। बाबा से मिलने देहरादून आदि क्षेत्रों से कई लोग आते थे। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन दीपावली पर्व से बाबा ने अचानक अपना रुप बदल दिया और वह अजीबो-गरीब हरकतें करने लगा। बाबा आसपास ग्रामीणों से भी गाली-गलौच करने लगा। ग्रामीणों का आरोप है कि एक दिन बाबा ने अपने मंदिर में देहरादून से आए एक भक्त के सिर पर चिमटा मार दिया। उस व्यक्ति के सिर से खून निकलने लगा, जिसे बाबा ने पी लिया। इस तरह की हरकतें देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जानमाल के नुकसान को देखते हुए ग्रामीणों ने बाबा का विरोध किया और उसे क्षेत्र से दूसरी जगह भेजे जाने की मांग की। इसके लिए ग्रामीणों ने राजस्व विभाग को भी पत्र भेजा है। ग्रामीणों ने कहा कि बाबा के रहते क्षेत्र में उनके बच्चे और ग्रामीण सुरक्षित नहीं है।
पंचायत मंत्री था बाबा
ऋषिकेश। महाकाल गिरी ऊर्फ भूपेंद्र सिंह बिष्ट वर्ष 2012-13 में यमकेश्वर ब्लॉक कार्यालय में पंचायत मंत्री के पद पर कार्यरत था। करीब चार वर्ष तक नौकरी करने के बाद भूपेंद्र ने सन्यास धारण कर लिया। वह अविवाहित था। बाबा बनने से पहले उसने अपना पिंडदान किया था। बाबा ने यमकेश्वर ब्लॉक के कई गांवों में इसी तरह अपना ठिकाना बनाया था। लेकिन वहां के ग्रामीणों ने उन्हें वहां से भगा दिया। उसके बाद फिर बाबा सैजादा गांव में आकर रहने लगा था।
बीते 17 नवंबर से बाबा क्षेत्र से गायब चल रहा है। बाबा की छानबीन की जा रही है। शांतिभंग के मामले में बाबा का चालान किया गया है। जैसे ही बाबा दिखेगा उसे गिरफ्तार कर उसे एसडीएम के सम्मुख पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-वैभव प्रताप सिंह, राजस्व निरीक्षक कांडाखाल