02 कोरोना संक्रमण के चलते त्रिवेणी घाट पर गंगा स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को रोकती पुलिस।
- फोटो : RISHIKESH
तीसरी लहर के बढ़ते खतरे के बीच प्रशासन ने मकर संक्रांति पर्व पर त्रिवेणी घाट पर स्नान पर प्रतिबंध लगा दिया। अलसुबह ही ऋषिकेश कोतवाल रवि सैनी की मौजूदगी में पुलिस ने घाट रोड पर बैरिकेडिंग कर दी। पुलिस ने श्रद्धालुओं को बैरिकेड पर ही रोक दिया। उसने श्रद्धालुओं से घर पर ही स्नान करने की अपील की। स्नान पर रोक के चलते त्रिवेणी घाट पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
शुक्रवार को मकर संक्रांति पर्व पर कोरोना का साया रहा। मकर संक्रांति के पर्व पर त्रिवेणी घाट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका के चलते तहसील प्रशासन ने घाट पर स्नान प्रतिबंधित कर दिया। पुलिस ने सुबह ही घाट रोड पर बैरिकेडिंग कर मोर्चा संभाल लिया था। घाटों पर स्नान, पूजा, अनुष्ठान और दान पुण्य करने वाले श्रद्धालुओं को पुलिस ने बैरिकेड से आगे नहीं जाने दिया। वहीं पुलिस की एक टीम घाटों पर भी गश्त करती रही। श्रद्धालुओं ने पुलिस से सामाजिक दूरी का पालन करते हुए स्नान करने का अनुरोध किया, लेकिन पुलिस ने प्रशासन के आदेश का हवाला देते हुए श्रद्धालुओं को लौटा दिया। एसडीएम डॉ. अपूर्वा पांडेय, तहसीलदार डॉ. अमृता शर्मा और ऋषिकेश कोतवाल रवि सैनी ने घाटों का निरीक्षण कर प्रतिबंध के अनुपालन में की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान ऋषिकेश कोतवाल ने मास्क और सामाजिक दूरी का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और लोगों के चालान किए। लॉकडाउन के बाद ऋषिकेश में पहली बार सामान्य दिनों में किसी पर्व पर स्नान पर रोक लगाई गई है।