कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन ने हजारों लोगों को बेरोजगार कर दिया है। इसके बाद सैकड़ों युवा शहरों से अपने गांव चले गए। कई युवा अभी तक गांवों में बेरोजगार बैठे हैं, लेकिन परिवार की आजीविका चलाने के लिए कुछ युवाओं ने स्वरोजगार को अपना रोजगार का माध्यम बनाया है। कुछ युवा मुर्गी पालन, शहद पालन, मशरूम पालन, होम स्टे आदि योजनाएं संचालित कर नाम कमा रहे हैं। उन्हीं में से एक कुनांऊ गांव निवासी चंद्रमोहन नेगी भी हैं, जो मशरूम और शहद पालन का व्यवसाय कर युवाओं के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं।
पौड़ी जिला अंतर्गत यमकेश्वर ब्लॉक के कुनांऊ गांव निवासी चंद्रमोहन नेगी ने बताया कि वह एक लघु व्यापारी थे। कोरोना काल में उनका व्यापार चौपट हो गया। तब उन्होंने स्वरोजगार की योजना अपनाई। इसके लिए उन्होंने एक वर्ष पहले मशरूम का उत्पादन शुरू कर दिया। वह तैयार किए हुए मशरूम को ऋषिकेश बाजार और एक डेंटल क्षेत्र के आसपास दुकानों में सप्लाई करने लगे। लोगों की जुबां पर उनके मशरूम का स्वाद चढ़ गया। इससे उनका व्यवसाय पटरी पर चलना शुरू हो गया। आमदनी ठीक होने के कारण उनके परिवार की आजीविका भी ठीक हो गई। इसी बीच उन्होंने शहद का उत्पादन करना भी शुरू कर दिया। शहद उत्पादन करने के लिए उनके पास 10 शहद की पेटियां है। इसमें उनका अच्छा शहद निकल जाता है। उत्पादित शहद को वह बाजार में सात सौ से एक हजार रुपये किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे हैं।
ढींगरा प्रजाति के मशरूम का कर रहे उत्पादन
चंद्रमोहन नेगी ने बताया कि वह ढींगरा प्रजाति के मशरूम का उत्पादन करते हैं। एक सीजन में वह 15 से 20 किलोग्राम मशरूम का उत्पादन करते हैं। इसे वह आसपास बाजार में 150 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच देते हैं।