एम्स में ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
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ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में देश के 35 ऑक्सीजन प्लांट के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले सौ सालों में सबसे बड़े संकट का जिस बहादुरी से सामना किया, उससे पूरे विश्व की नजर भारत पर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी से निपटने के साथ सड़क, बिजली, पानी एलपीजी गैस सिलिंडर को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य बखूबी ढंग से किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने माइंडसेट और सिस्टम को बदला है। आज विभागों के अधिकारी और कर्मचारी स्वयं फरियादी को ढूंढते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना से लड़ाई के लिए भारत ने जो सुविधाएं तैयार की वह हमारे देश के सामर्थ्य को दिखाता है। उन्होंने कहा कि शहरों से लेकर देहात क्षेत्रों तक में नए वेटिलेंटर, मेड इन इंडिया वैक्सीन का निर्माण, दुनिया का सबसे बड़ा और तेज टीकारकरण अभियान भारत ने जो कर दिखाया वो हमारी संकल्प शक्ति, सेवा भाव और एकजुटता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना से लड़ाई के लिए देश की जनसंख्या और भागौलिक स्थिति सबसे बड़ी चुनौती थी। ऑक्सीजन और वैक्सीन की आपूर्ति की समस्या आती रही। लेकिन हर भारतवासी को जानना चाहिए कि हमने कैसे तमाम चुनौतियों से पार पाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में रोजाना 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का निर्माण होता था। इस क्षमता को 10 गुना से अधिक तक बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि देश के अस्पताल अब पहले ज्यादा सक्षम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इस बार इंतजार नहीं करती की नागरिक उसके पास समस्या लेकर आएगा। सरकार माइंडसेट और सिस्टम से यह भ्रांति बाहर निकाल रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों को घर, बिजली, पानी, एलपीजी गैस सिलेंडर, 80 करोड़ से अधिक लोगों निशुल्क राशन, किसानों के बैंक खाते में हजारों करोड़ रुपये भेजना, पेंशन और बीमा की सुविधा हर हकदार तक पहुंचाने का प्रयास सरकार ने किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत इसी एप्रोच से आगे बढ़ रहा है। बीमारी होने पर लोग नेताओं और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते थे। आज आयुष्मान भारत से इस परेशानी का समाप्त कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना के माध्यम से इलाज में होने वाली देरी और मेडिकल सुविधाओं का आभाव के समाधान का प्रयास हुआ है। प्रधानमंत्री आज दूरस्त क्षेत्रों में लोग घर बैठे ई-संजीवनी एप के माध्यम से शहर के अच्छे डाक्टरों से इलाज करा सकते हैं। उत्तराखंड की जनता को भी इसका लाभ मिल रहा है।