ऋषिकेश। जल संस्थान और विश्व बैंक परियोजना के अधिकारियों के आपसी विवाद के कारण जनता परेशान हो रही है। बाइपास मार्ग पर गौरा देवी चौक के पास हाईवे के मध्य में जल संस्थान की मेन राइजिंग लाइन में लीकेज है। जलसंस्थान ने दो बार लीकेज को ठीक कराया, लेकिन कुछ दिनों में फिर से लीकेज है।
ऋषिकेश में विश्व बैंक परियोजना के तहत इंदिरा नगर, प्रगति विहार गुमानीवाला, बापूग्राम क्षेत्र की जल संस्थान की पेयजल लाइन को ट्रांसफर किया गया है। ऐसे में सीमा विवाद के कारण पेयजल लाइन के देखरेख नहीं हो पा रही है। श्यामपुर बाइपास मार्ग पर गौरा देवी चौक के पास मेन राइजिंग लाइन में तीन महीने से लीकेज हो रही है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता वीरेंद्र राणा का कहना है कि जिस स्थान पर लीकेज हो रहा है वह क्षेत्र विश्व बैंक परियोजना को हस्तांतरित हो गया है। ऐसे में लीकेज ठीक करने का काम विश्व बैंक परियोजना के अधिकारी करेंगे। वहीं विश्व बैंक परियोजना के अपर सहायक अभियंता मनोज डबराल का कहना है यह जिस लाइन में लीकेज हो रहा है वह जल संस्थान की मेन राइजिंग लाइन है। इसलिए उसे जल संस्थान ही ठीक करेगा। पेयजल लाइन में गड्ढा होने के कारण राहगीर इस गड्ढे में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
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जलसंस्थान की ओर से गौरा देवी चौक के पास हुए लीकेज को दो बार ठीक कराया जा चुका है। स्पीड ब्रेकर होने के कारण वाहनों के दबाव के कारण लाइन का जोड़ खुल जा रहा है। स्पीड ब्रेकर हटवाने के लिए लोनिवि के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी, जल्द ही लीकेज ठीक किया जाएगा।
-अनिल नेगी, जलकल अभियंता, जल संस्थान