ऋषिकेश। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया गया है, लेकिन ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र के सभी चेक पोस्ट से पर्यटक बेरोकटोक आवागमन कर रहे हैं। किसी भी चेक पोस्ट पर पर्यटकों की रैंडम एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच नहीं की जा रही है। यही नहीं, स्थानीय स्तर में कोरोना जांच की दर 250 का आंकड़ा भी पार नहीं कर रही है। ऐसे में संक्रमण के बढ़ने खतरा बना हुआ है।
ऋषिकेश में कोराना जांच की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। पहले ऋषिकेश में एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में दूसरी लहर के दौरान आरटीपीसीआर सैंपलिंग का दैनिक आंकड़ा दो हजार तक पहुंच गया था। वहीं मुनिकीरेती और स्वार्गाश्रम क्षेत्र में रोजना एक हजार से अधिक लोगों की कोरोना जांच हो रही थी, लेकिन अब केंद्रों में 250 कोरोना जांच भी नहीं हो पा रही है। वहीं रायवाला, भद्रकाली, तपोवन, गरुणचट्टी, कैलासगेट और ढालवाला चेक पोस्ट पर रैंडम एंटीजन जांच और आरटीपीसीआर सैंपलिंग भी बंद कर दी गई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की वीआईपी ड्यूटी में आने वाले 20 पुलिस कर्मी और कर्मचारी संक्रमित मिले हैं। संक्रमित पुलिस जवान और कर्मचारी परमार्थ में ठहरे थे और जरूरी कामों के लिए आश्रम से बाहर भी गए थे। इस दौरान कर्मचारी कई लोगों के संपर्क आए। ऐसे में संक्रमण के फैलने की आशंका बनी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बेफिक्र बैठे हैं। वहीं लोग बिना मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे हैं।
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वर्जन
अस्पताल में इलाज के लिए आने प्रत्येक मरीज की कोरोना जांच कराई जा रही है। चेक पोस्ट और केंद्रों में जांच की दर बढ़ाने का काम मुख्यालय स्तर पर किया जाना है।
-डॉ. विजयेश भारद्वाज, सीएमएस, एसपीएस राजकीय अस्पताल