04 एम्स में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि।
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एम्स में महर्षि महाकंडेश्वर यूनिवर्सिटी (एमएमयू) के तत्वावधान में दो दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें वैश्विक संस्था इंटीग्रेटेड एसोसिएशन ऑफ मेडिकल, बेसिक एंड सोशल साइंटिस्ट और भारत की पहली फिजियोथेरेपी छात्र संघ स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ फिजिकल थेरेपी (एसएपीटी इंडिया) के मध्य स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, विकास व शोध विषय को बढ़ावा देने को लेकर करार हुआ। आईएएमबीएसएस का उद्देश्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में इंटीग्रेशन को स्थापित करने के लिए सततरूप से कार्य करना है। वेबिनार में शामिल हुए करीब 150 प्रतिभागियों को अनुसंधान के विषय सैंपलिंग का प्रशिक्षण दिया।
शननिवार को आयोजित वेबिनार में आईएएमबीएसएस के अध्यक्ष डॉ. उज्जवल ने कहा कि हम युवा शक्ति को साथ लेकर मल्टीडिस्पलेनरी एप्रोच के साथ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ेंगे। एसएपीटी इंडिया के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिरुद्ध उनियाल ने कहा कि यह अनेक दृष्टि से ऐतिहासिक आयोजन है। एसएपीटी इंडिया हमेशा से विज्ञान व अनुसंधान के क्षेत्र में विकास के प्रति समर्पित रही है, आने वाले समय में दोनों संगठन राष्ट्रहित और विश्व कल्याण के लिए कार्यरत रहेंगे। आईएएमबीएसएस के संस्थापक एवं महासचिव डॉ. जितेंद्र गैरोला ने बताया कि संस्था ने उत्तराखंड में सामाजिक गतिविधियों में भी अपना योगदान सुनिश्चित किया है। इस दिशा में लगातार कार्य हो रहा है। साथ ही आयुर्वेद, योग और एलोपैथी को एकीकृत करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने को लेकर भी संस्था सततरूप से प्रयासरत है। इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक बॉयोटेक, एमएमयूजी के प्रमुख डॉ. अनिल शर्मा, प्रो. नीलम, डॉ. अशविंदर आदि थे।