रायवाला/ऋषिकेश। नेशनल हाईवे 58 के रायवाला से शांतिकुंज तक करीब दो किलोमीटर के फ्लाईओवर पर वाहन फर्राटा भरने लगे हैं। यह दून-हरिद्वार-ऋषिकेश के बीच सफर करने वाले वाहनों चालकों के लिए बेहद सुविधाजनक है, लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से हरिपुरकलां, मोतीचूर की अनदेखी कर दी गई है। ऐसे में यह फ्लाइओवर करीब 40 हजार आबादी के लिए वरदान की जगह अभिशाप बन गया है। अब स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को पत्राचार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथोरिटी ऑफ इंडिया) के सामने आपत्ति दर्ज कराकर आंदोलन की चेतावनी दे दी है।
यह हैं परेशानियां
खामी नंबर एक : मोतीचूर, हरिपुरकलां की आबादी का हाईवे से संपर्क समाप्त
मोतीचूर, हरिपुरकलां की आबादी का हाईवे से संपर्क समाप्त कर दिया गया है। सप्तऋषि चेक पोस्ट से हाईवे को फ्लाईओवर के रास्ते दो किमी बाद राजाजी के जंगल के मध्य उतारकर मुख्य संपर्क मार्ग से संपर्क काट दिया गया। इसके साथ ही पुराने हाईवे को राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला-मोतीचूर कोरिडोर के चलते आवाजाही बंद करने की तैयारी की जा रही है। हरिपुरकलां के लोगों को देेहरादून और हरिद्वार जाने के लिए पहले कुछ किलोमीटर की दूरी पर शांतिकुंज तक जाना होगा। फिर फ्लाईओवर तक आ सकेंगे।
खामी नंबर दो: हाईवे पर अंडरपास की व्यवस्था नहीं
रायवाला बाजार क्षेत्र में तीन गांवों और सैन्य छावनी के लिए हाईवे पर अंडरपास की व्यवस्था नहीं की गई है। हाईवे पर तेज गति से फर्राटा भर रहे वाहनों के चलते हाईवे पार करना मुसीबत भरा होगा। रात के समय रोड क्रास करना किसी खतरे कम नहीं होगा। रायवाला बाजार में हाईवे के दूसरी छोर पर ग्रामीण हाट बाजार, बैंकिग सेवा केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पोस्ट आफिस भी है,
यहां से ऋषिकेश जाने के लिए छात्रों और अन्य लोगों को हाईवे को पार करना होगा। इससे हाईवे बनने से दुर्घटनाओं के ग्राफ में कमी से आने के बजाय बढ़ेगी।
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बगल में खेत, लेकिन दूरी दो किमी
खांडगांव नंबर एक पुराने हाईवे को काटकर करीब तीस मीटर गहराई में नए हाइवे का निर्माण कर दिया गया है। गांव में (टिहरी बांध विस्थापित) हाईवे को रेलवे अंडर पास से गुजारने के लिए घर और खेत खलिहानों के मध्य से गुजर रहे हाईवे के चलते ग्रामीणों का अपने खेतों से संपर्क पूरी तरह काट गया है। इसके बाद अपने घर से सटे खेत खलिहान तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को करीब दो किमी की दूरी से घूमकर जाने को मजबूर होना पड़ेगा। ग्रामीण बीना नेगी, अमरा नेगी आदि ने बताया कि ऐसे में लावारिश पशु उनके खेतों में खड़ी फसल को चट कर देंगे। ग्राम प्रधान शंकर दयाल धनै की ओर से बताया गया कि इसके लिये ज्ञापन दिया जा चुका है।
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खामी नंबर चार: वैदिकनगर तीन का मुख्य संपर्क मार्ग कटा
नवनिर्मित हाईवे को रेलवे अंडर पास के दूसरे छोर से निकालने के बाद सुसवा नदी पुल से जोड़ने के लिए किए एक अलाइनमेंट (सर्वे) के चलते वैदिकनगर तीन का मुख्य संपर्क मार्ग काट दिया गया। करीब एक हजार से अधिक की आबादी वाले वैदिकनगर तीन के ग्रामीणों के पूर्व में किण् गए आंदोलन के बाद वैदिकनगर को एक अंडर पास आवागमन के लिए हाईवे के नीचे से दिया गया। लेकिन अंडरपास को अधिक गहराई देने और पर्याप्त पानी की निकासी नहीं होने के चलते उसमें और उसके नवनिर्मित संपर्क मार्ग के हर समय पानी से भरे रहने की आंशका के चलते विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
हरिपुरकलां मोतीचूर के लोगों की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को ज्ञापन दिया गया है, उम्मीद है कि जल्द ही एनएचएआई की ओर से कोई निर्णय लिया गया है।
- गीताजंली जखमोला, ग्राम प्रधान हरिपुरकलां