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लीसा फैक्टरी में लगी आग, लाखों का नुकसान

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लालतप्पड़ स्थित लीसा फैक्टरी में लगी आग को बुझाते दमकल कर्मी। - फोटो : RISHIKESH
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डोईवाला। लालतप्पड़ स्थित एक लीसा फैक्ट्री में आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। लीसा फैक्टरी के आग लगने की सूचना के बाद ऋषिकेश और देहरादून अग्निशमन विभाग की सात गाड़ियां ने करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया। वहीं पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
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शनिवार को दोपहर 12:15 बजे लालतप्पड़ में खुराना ब्रदर्स नामक लीसा फैक्टरी के अंदर कुछ श्रमिक लोडिंग और अनलोडिंग का काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान श्रमिकों की नजर एक कनस्तर से निकलने वाले धुएं पर पड़ी। इससे पहले वह लोग कुछ समझ पाते। आग ने विकराल रूप धारण कर दिया। जान बचाने के लिए श्रमिक फैक्टरी से निकल गए। हो हल्ला सुनकर आसपास के लोग आग बुझाने में जुट गए। स्थानीय लोगों ने फैक्टरी में आग लगने की सूचना स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी। आसपास की फैक्टरियों के पाइपों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग नहीं बुझी। इस दौरान एक फैक्टरी के दो कर्मचारी राजेंद्र सजवाण और पावन पुनीत सिंह चोटिल हो गए। आग इतनी विकराल थी कि उसे बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग को दोनों ओर से पानी की बौछारे मारनी पड़ी। इस दौरान कई तमाशबीन में आग लपटों को अपने मोबाइल में कैद करने लगे। ऐसे लोगों को काबू करना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया था।
लीसा फैक्टरी में आग लगने की सूचना के बाद उपजिलाधिकारी डोईवाला लक्ष्मीराज चौहान और कोतवाल राजेंद्र रावत मौके पर पहुंचे। अनुमान है कि फैक्टरी में रखा लाखों का लीसा जलकर राख हो गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस टीम मामले को छानबीन कर रही है। लालतप्पड़ चौकी प्रभारी संजय रावत ने बताया कि लीसा फैक्टरी ऋषिकेश निवासी विजय खुराना की है। उनसे संपर्क किया जा रहा है। अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र खाती ने बताया कि करीब दो घंटे के बाद आग पर काबू पा लिया गया था।
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फैक्टरी में नहीं दिखे आग बुझाने के संसाधन
जिस फैक्टरी में चीड़ के लीसे को प्रोसेस कर अलग-अलग पदार्थ बनाए जाते हैं। उस फैक्टरी में आग बुझाने के उपकरण नहीं दिखे। ऐसे में अग्निशमन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। जबकि नियमानुसार फैक्टरी में आग बुझाने को लेकर सभी संसाधन होने चाहिए थे।
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