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कोरोना फिर पसार रहा पैर, सावधानी जरूरी है

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रामझूला शिवानंद बाजार में बिना मास्क कोविड-19 नियमो की धज्जियां उड़ाते पर्यटक। - फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नए मामले आने लगे हैं। कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट अधिक संक्रामक बताया जा रहा। योगनगरी में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन लोग पर्यटक और धार्मिक स्थलों में मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन जैसी सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे है। लोगों की लापरवाही से संक्रमण एक बार फिर बेकाबू हो सकता है।
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नीति आयोग ने सितंबर में तीसरी लहर की आशंका जताई थी। प्रदेश में डेल्टा वैरिएंट की दस्तक के साथ एक फिर कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। लेकिन योगनगरी में पर्यटक, श्रद्धालु और स्थानीय शायद दूसरी लहर के भयानक मंजर को भूल चुके हैं। यही कारण है कि लोग मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाने और सैनिटाइजेशन को लेकर लापरवाह हो गए हैं। तीर्थनगरी के साथ पर्यटन नगरी होने के चलते देशभर से पर्यटक और श्रद्धालु योगनगरी पहुंचते हैं। वीकेंड पर सड़क पर्यटकों के वाहनों से पूरी तरह से पैक हो जाती है। अधिकांश पर्यटक, श्रद्धालु और स्थानीय लोग मास्क पहनने से बच रहे हैं। वहीं भीड़ से दूर रहने और सैनिटाडजेशन जैसे कोविड नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। बाहर से आया कोई पर्यटक या श्रद्धालु कोरोना संक्रमित होता है तो स्थानीय लोग भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। इसलिए तीसरे लहर को रोकने के लिए कोविड नियमों का पालन करना जरूरी है। होटल संचालक, कैंप संचालक, आश्रम संचालक, धर्मशाला, व्यापारी, मंदिर समिति, गंगा समिति पदाधिकारी सजकता दिखाए तो पर्यटकों और श्रद्धालुओं को कोविड नियमों के पालन के लिए जागरूक किया जा सकता है।
कोरोना का खतरा अभी टला नहीं हैं। वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड नियमों का पालन करना जरूरी है। कोविड नियमों की लापरवाही के चलते ही संक्रमण और म्यूटेशन के मामले बढ़ते हैं। वैक्सीनेशन और कोविड नियमों का सख्ती से पालन करने पर ही हम कोरोना संक्रमण मात दे पाएंगे।
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प्रोफेसर रविकांत, निदेशक, एम्स ऋषिकेश
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