फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना लाइसेंस के मीट बेच रहे कारोबारी

विज्ञापन
विज्ञापन
तीर्थनगरी में मीट कारोबारी बिना लाइसेंस के मीट बेच रहे हैं। दुकानों में खुलेआम बकरे और मुर्गे का वद्य किया जा रहा है। कई स्थानों पर मीट पर दिनभर मक्खी मच्छर भिनभिनाती रहती है। जो बीमारी का कारण बन रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी इस ओर कार्रवाई करने के बजाय तमाशबीन बने हुए हैं।
विज्ञापन

तीर्थनगरी में इंदिरानगर, आईडीपीएल हाट बाजार, आईडीपीएल लवली स्टोर, श्यामपुर और रायवाला आदि क्षेत्र में धड़ल्ले से मीट की दुकानें संचालित हो रही हैं। गिने चुने लोगों के पास ही खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस जारी है। अन्य लोग बिना लाइसेंस के अपनी दुकान में मुर्गे और बकरे काटकर मीट सप्लाई कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इनमें इन दुकानदारों में से कोई भी पंजीकृत स्लाटर हाउस से मीट नहीं खरीदता, न ही शहर में पंजीकृत स्लाटर हाउस है। मीट काटने के बाद इंदिरानगर में रेलवे की खाली जमीन में गंदगी फेंकी जा रही है। बाकी अवशेषों को नालियों में बहाया जा रहा है। जो दुर्गंध का कारण बन रहे हैं। इंदिरानगर और आईडीपीएल के नागरिकों ने बताया कि इंदिरानगर और आईडीपीएल हाट में खुले में मीट सप्लाई हो रहा है। मीट पर दिनभर मक्खी मच्छर मंडराते रहते हैं। स्थानीय लोगों की ओर से भी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन डेढ़ साल से बिना लाइसेंस की दुकान चलाने वाले एक भी व्यापारी का चालान नहीं काटा गया।
शहर में बढ रहे रैबीज के मरीज
मीट व्यावसायियों की ओर से मीट के अवशेषों का उचित तरीके से निस्तारण न करने से दुकानों के आसपास लावारिस कुत्ते पल रहे हैं। जो राहगीरों पर अटैक करते हैं। इंदिरानगर, आईडीपीएल हाट और आईडीपीएल लवली, गुमानीवाला, रायवाला बाजार के पास लावारिस कुत्ते लोगों को काट रहे हैं। जिससे राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में हर रोज कुत्ते काटने के मरीज आ रहे हैं। जिससे रैबीज के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इंदिरानगर और आसपास क्षेत्र में संचालित कुछ लोगों के पास ही पुराने लाइसेंस हैं। कई दुकानदारों का चालान काटा गया है। जल्द ही अभियान चलाया जाएगा।
-संजय तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, ऋषिकेश क्षेत्र।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें