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एम्स को मिला आयुष्मान सम्मान, 51 हजार मरीजों किया उपचार

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ऋषिकेश। राज्य सरकार ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान (एम्स) ऋषिकेश को तीन वर्षों के दौरान 51 हजार 120 आयुष्मान लाभार्थियों में इलाज करने पर आयुष्मान पुरस्कार से सम्मानित किया है। वहीं संस्थान में 10 हजार 900 लाभर्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। एम्स के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर अरविंद राजवंशी ने संस्थान को सम्मान मिलने पर खुशी जाहिर की है।
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एम्स में आयुष्मान योजना की शुरूआत सितंबर 2018 में हुई थी। बीते तीन वर्षों में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित देश के करीब एक दर्जन राज्यों से आए 51 हजार से अधिक मरीजों को एम्स निशुल्क इलाज किया गया है। देहरादून में आयोजित कार्यक्रम आरोग्य मंथन’- 3 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य डॉ. मंत्री धन सिंह रावत ने आयुष्मान योजना के सफल संचालन के लिए एम्स संस्थान को ’आयुष्मान सम्मान’ पुरस्कार से नवाजा। एम्स की ओर से यह पुरस्कार योजना के प्रभारी डॉ. अरुण गोयल और सह प्रभारी डॉ. मधुर उनियाल ने प्राप्त किया।
एम्स में आयुष्मान योजना के प्रभारी डॉ. अरुण गोयल ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान एम्स में उत्तराखंड के अलावा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, केरल और जम्मू कश्मीर के मरीजों का आयुष्मान भारत योजना में इलाज किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक कुल 51 हजार 120 मरीजों का इस योजना से निशुल्क इलाज किया जा चुका है। इनमें से 39 हजार 580 मरीज उत्तराखंड राज्य के है। आयुष्मान योजना के सह प्रभारी डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि जिन लोगों के पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड नहीं है, वह लोग अपनी पहचान संबंधी संपूर्ण दस्तावेज दिखाकर एम्स में अपना आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं।
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- केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य गरीब व जरुरतमंद लोगों को निशुल्क उपचार प्रदान कराना है। एम्स ऋषिकेश आयुष्मान योजना के तहत अधिकाधिक मरीजों को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने को प्रयासरत है।
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-प्रोफेसर अरविंद राजवंशी, प्रभारी निदेशक, एम्स ऋषिकेश
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