कोतवाली पुलिस ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में नियुक्ति के नाम 25 लाख की ठगी करने वाले एक आरोपी को डेढ़ साल बाद उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नर्सिंग अफसर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन युवतियों को ठगा था। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
ऋषिकेश कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि 29 अक्टूबर 2020 को मिलन सिंह चौहान पुत्र दर्शन सिंह चौहान निवासी आम बाग ऋषिकेश देहरादून ने उनकी पत्नी और अन्य दो युवतियों के साथ ठगी के मामले में कोतवाली में तहरीर दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि मोहम्मद यूसुफ निवासी मकान नंबर 181, बर बलान, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश ने उनकी पत्नी सोनल और अन्य युवती संध्या व कविता मरिया को एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग अफसर के पद पर नियुक्ति दिलाने का झांसा दिया था। आरोपी ने नौकरी दिलाने की एवज में 25 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कराए थे। नौकरी न मिलने पर यूसुफ से जब रकम वापस करने के लिए कहा गया तो पहले वह टालमटोल करता रहा। इसके बाद उसने फोन उठाना ही बंद कर दिया। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि तहरीर पर पुलिस ने मोहम्मद यूसुफ के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी करीब डेढ़ साल से फरार चल रहा था। शनिवार को पुलिस की सर्विलांस टीम ने आरोपी की लोकेशन को मुरादाबाद में ट्रेस किया। इसके बाद पुलिस की एक टीम को मुरादाबाद भेजा गया। यहां आरोपी को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।