उत्तराखंड में आपदा के वक्त देश में मौजूद न रहने के कारण आलोचना का सामना करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सफाई देने का फैसला किया।
राहुल गांधी ने कहा, 'अगर मैं आपदा के तुरंत बाद यहां पहुंचता, तो मेरी वजह से पीड़ितों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता, इसलिए मैं नहीं आया।'
राहुल गांधी को गुप्तकाशी में लोगों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। उन्होंने अस्पताल जाकर पीड़ितों से मुलाकात की। कर्णप्रयाग तहसील के गोचर में उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की और राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया।
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उन्होंने पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई और उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। राहुल ने पीड़ितों से कहा, 'मैं व्यक्तिगत रूप से आपका दुख बांटना चाहता था और जैसे ही हालात ने इजाजत दी, मैं यहां चला आया।' उनके साथ कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
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राहुल ने नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स, सेना और कांग्रेस की ओर से की जा रही बचाव की कोशिशों का जायजा लिया।
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हरियाणा की युवा कांग्रेस का एक दल भी उस कैम्प में मौजूद थे, जहां राहुल रुके थे। उम्मीद की जा रही कि वह केदारनाथ भी जा सकते हैं।
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देर से उत्तराखंड पहुंचने को लेकर उन्हें राजनीतिक विरोधियों की आलोचना झेलनी पड़ रही थी और उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि राहत कार्यों में खलल न पड़े, इसलिए वह पहले नहीं आए।