कैंसर के मरीजों का आधुनिक मशीनों से होगा इलाज
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जसपुर के डॉक्टर एसके सिंह के हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश के सरकारी डॉक्टर काम पर लौट आए हैं। इस फैसले से प्रदेश के लाखों मरीजों ने राहत की सांस ली है। उधर डॉक्टरों ने शासन से भविष्य में चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
जसपुर (ऊधमसिंह नगर) में 20 अप्रैल को डॉ. एसके सिंह को ओपीडी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के खिलाफ प्रदेश के सरकारी डाक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया था।
दो दिन से डाक्टर डॉ. सिंह के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। डॉक्टरों का कहना था कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती वे काम पर नहीं लौटेंगे।
ऊधमसिंह नगर पुलिस ने किया हत्यारोपियों को गिरफ्तार
इसे लेकर पूरे प्रदेश में खासकर गरीब मरीजों को इलाज नहीं मिलने से मुसीबत का सामना करना पड़ रहा था। शुक्रवार सुबह प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ (पीएमएचएस) के पदाधिकारियों की पूरे मसले पर बैठक हुई। इसमें हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में अगली रणनीति पर विचार विमर्श हुआ।
शाम को एक प्रतिनिधिमंडल की शासन से वार्ता हुई। इस बीच जसपुर से खबर आई कि ऊधमसिंह नगर पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पीएमएचएस के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. एसके गोस्वामी ने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी होने पर प्रदेश के डाक्टर काम पर वापस लौट आए हैं।
साथ ही उन्होंने बताया कि शासन से मांग की गई है कि भविष्य में डाक्टरों के साथ इस तरह की अप्रिय घटना न हों, इसके लिए उचित कदम उठाए जाएं। साथ ही डाक्टरों की सुरक्षा के लिए ठोस कानून बनाने पर भी जोर दिया गया।