सीपीयू के जवानों ने बल्लूपुर चौक पर गुजरात की कार को शक के आधार पर रोका तो सवार लोगों में अफरातफरी मच गई। डर कर एक युवक कार से उतरकर भाग निकला, जबकि पुलिस ने दूसरे को हिरासत में ले लिया।
कार में पुलिस की टोपी मिलने से युवक के नकली पुलिस इंस्पेक्टर होने का शक और गहरा गया। पूछताछ के बाद यह साफ हुआ कि जिस पर वह नकली होने का शक कर रहे थे, वह हकीकत में परिवहन विभाग मे इंस्पेक्टर है और उसे वर्दी जारी होती है।
पुलिस अधीक्षक यातायात धीरेंद्र गुंज्याल को बल्लूपुर चौक पर बड़े-छोटे नंबर लिखा होने पर गुजरात नंबर की एक कार पर शक हुआ। एसपी के निर्देश पर सीपीयू की टीम ने ओवरटेक कर कार को रोक लिया। काली वर्दी में आए जवानों ने उनकी रिकार्डिंग शुरू कर दी। कार सवार समझ नहीं पाए कि आखिर हो क्या रहा है।
युवक खुद को इंस्पेक्टर बताया रहा लेकिन पुलिस नहीं मानी
सीपीयू के जवानों को देखकर डर से पीछे बैठा एक युवक कार से उतरकर भाग निकला। जबकि कार चला रहे युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। युवक खुद को परिवहन विभाग में इंस्पेक्टर बताता रहा, लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी।
सीपीयू कार समेत इंस्पेक्टर को कैंट थाने ले गई, जहां उससे पूछताछ की गई। तब तक कार से भागा दूसरा युवक भी वहां आ गया था। कई घंटे की पूछताछ के बाद यह साफ हुआ कि वह असली इंस्पेक्टर ही है। इसके बाद पुलिस ने दोनों को सम्मान के साथ छोड़ दिया।