25 बसें रोडवेज स्टेशन और वर्कशॉप में खड़ीं
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पिथौरागढ़-टनकपुर ऑलवेदर सड़क बंद होने से सीमांत के यात्रियों के साथ ही निगम की दिक्कत बढ़ गई है। सड़क और मोड़ उपयुक्त न होने से वाया अल्मोड़ा भी 43 सीटर बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में 25 बसें पिछले 20 दिनों से वर्कशॉप और रोडवेज स्टेशन में खड़ी हैं। बसों का संचालन न होने से यात्रियों के लिए टैक्सी से सफर करना मजबूरी बन गया है तो निगम को हर रोज छह से आठ लाख रुपये की चपत लग रही है।
पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में 58 बस शामिल हैं। 25 बस 43 सीटर हैं। अधिकतर बसों का संचालन वाया टनकपुर होता है। बीते 20 दिनों से पिथौरागढ़-टनकपुर ऑलवेदर सड़क बंद होने से निगम यात्रियों को राहत देने के साथ खुद नुकसान से बचने के लिए आठ बसों का संचालन वाया अल्मोड़ा कर रहा है। 43 सीटर बसों के लिए अल्मोड़ा सड़क उपयुक्त न होने से इन्हें खड़ी करना निगम की मजबूरी बन गया है इसकी सीधी मार यात्री सह रहे हैं।
बस को धक्का देकर किया स्टार्ट
नई बस न मिलने से पुरानी खटारा बसों को सड़कों पर दौड़ाना निगम की मजबूरी बन गया है जो यात्रियों का साथ नहीं दे रही हैं। सोमवार को एक बस रोडवेज स्टेशन से देहरादून के लिए रवाना हुई। गेट पर पहुंचते ही बस बंद हो गई। काफी प्रयास के बाद भी बस स्टार्ट नहीं हुई तो इसे धक्का देकर गेट से हटाना पड़ा। यात्रियों को अन्य बस से गंतव्य को रवाना किया।
- कुछ बसों को वाया अल्मोड़ा संचालित किया जा रहा है। सड़क उपयुक्त न होने से बड़ी बसों को इस रूट पर संचालित नहीं किया जा सकता। टनकपुर-पिथौरागढ़ सड़क बंद होने से निगम को खासा नुकसान हुआ है। सड़क खुलने के बाद सभी बसें संचालित होंगी।
- रमेश प्रसाद, स्टेशन प्रभारी, पिथौरागढ़ डिपो।