उत्तराखंड बचाओ संघर्ष समिति ने सीएम को ईमेल से अपने गृह जनपद में पिथौरागढ़ में राज्य बनने से पूर्व और उसके बाद नियम विरुद्ध खरीदी गई बाहरी लोगों की जमीन की रजिस्ट्री निरस्त करने की मांग की है। समिति के राज्य संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा कि इसके लिए जिले में एक कमेटी गठित की जाए जिसमें समिति के सदस्यों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने दावा किया कि इस जनपद में भी नियम विरुद्ध बाहरी लोगों ने जमीन खरीदी है।
उत्तराखंड के कुछ जनपदों में 250 वर्ग मीटर से अधिक जमीन खरीदने के मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जांच करने की घोषणा की है। मुनस्यारी के सरमोली से जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने सवाल उठाते हुए कहा कि सीएम ने अपने गृह जनपद को अन्य जिलों के साथ जांच में क्यों शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे इस संवेदनशील जिले में बाहरी लोगों ने नियम विरुद्ध जमीन खरीदी है। कहा कि जिन लोगों ने जमीन खरीदी है उनका आज तक कोई भी पुलिस सत्यापन नहीं किया गया है।
कहा कि आज भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में रोज बाहर के लोग आकर रोजगार के बहाने से बस रहे हैं। उनकी कोई नियमित जांच नहीं हो रही है। उनका कहना है कि जब कोई घटना होती है उसके बाद कुछ दिनों के लिए पुलिस सक्रिय दिखती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह रोस्टर के हिसाब से जांच कर इसकी रिपोर्ट ग्राम सभा, क्षेत्र एवं जिला पंचायत, नगर निकाय के सदनों में पुलिस अधिकारियों की ओर से रखी जानी चाहिए।
पिथौरागढ़ में निकाली जाएगी जल्द स्वाभिमान रैली
उत्तराखंड बचाओ संघर्ष समिति के राज्य संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा कि सीएम ने अगर पिथौरागढ़ जनपद की भूमि खरीद फरोख्त की जांच नहीं की वह जहां भी आएंगे कार्यकर्ता उनका विरोध करेंगे। साथ ही उनसे सवाल पूछा जाएगा कि जब कोई अपने घर को ही सुरक्षित नहीं रख रहा है तो उनसे उत्तराखंड बचाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। कहा कि विभिन्न जन संगठनों के पदाधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र ही पिथौरागढ़ में 1950 मूल निवास एवं सख्त भू कानून की मांग को लेकर स्वाभिमान रैली आयोजित की जाएगी।