लामारी में काली नदी में मलबा और बोल्डर गिरने से बनी झील। संवाद
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धारचूला (पिथौरागढ़)। सड़क कटिंग के दौरान गिरे मलबे के कारण बहाव अवरुद्ध होने से लामारी के पास काली नदी में अब भी झील बनी हुई है। यदि मलबा हटाकर पानी की निकासी नहीं की गई तो मानसून काल में बाढ़ का खतरा हो सकता है। जानकारी के बाद प्रशासन ने सड़क निर्माण कर रही कंपनी को मलबा हटाने के निर्देश दे दिए हैं।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लवाघाट-लिपुलेख सड़क के निर्माण के दौरान लामारी के पास मलबा और बोल्डर गिरने के कारण काली नदी का बहाव अवरुद्ध होने से मौके पर झील बन गई थी। प्रशासन के निर्देश पर पूर्व में मलबा हटाया गया था लेकिन पूरा मलबा और बोल्डर न हटने से इस समय भी इस स्थान पर लगभग एक सौ मीटर दायरे में पानी जमा है। मानसून में उच्च हिमालयी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश या फिर बादल फटने की घटनाएं होती हैं। इससे काली नदी का जलस्तर भी बढ़ जाता है, ऐसे में अतिवृष्टि होने के बाद झील फटी तो निचले इलाकों में कहर टूट सकता है। धारचूला के एसडीएम नंदन कुमार ने बताया कि मलबा गिरने से झील बनने की जानकारी के बाद सड़क कटिंग करने वाली कंपनी को शीघ्र मलबा हटाने के निर्देश दिए हैं।