पिथौरागढ़। पहले कोरोना और इस वर्ष बारहमासी सड़क के बार-बार बंद होने के कारण रोडवेज को लाखों रुपये का घाटा उठाना पड़ा है। निगम को 20 बसों के संचालन से प्रति दिन साढ़े दस लाख की आय होती है।
संचालन शुरू होने से यात्रियों का लोहाघाट, चंपावत, टनकपुर जाना आसान हो गया है लेकिन यात्रियों की कमी के कारण रोडवेज की आय प्रभावित हो रही है। वर्तमान में दिल्ली, गुरुग्राम, देहरादून, बरेली, टनकपुर, हल्द्वानी, झूलाघाट, धारचूला, थल, धरमघर क्षेत्रों को बसों की संचालन किया जा रहा है।
त्योहारी सीजन में लोगों के दिवाली मनाने के लिए घर का रुख करने से मैदानी क्षेत्रों से पिथौरागढ़ के लिए यात्रियों की संख्या ठीक है लेकिन यहां से मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या 15 से 17 ही है। वर्तमान में दिल्ली, गुरुग्राम, देहरादून, बरेली, टनकपुर, हल्द्वानी, झूलाघाट, धारचूला, थल, धरमघर क्षेत्रों को बसों की संचालन किया जा रहा है।
चार दिन नहीं चलीं रोडवेज की बसें
पिथौरागढ़। 17 अक्तूबर को भीषण बारिश के बाद एनएच बंद होने से वाया हल्द्वानी आठ बसों का संचालन दिल्ली और देहरादून के लिए किया जा रहा था। इस दौरान सड़क बंद होने के कारण चार दिन रोडवेज की बसों का संचालन नहीं हो सका था। इससे रोडवेज को करीब 80 लाख रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा था।
तीन से रोडवेज की 20 बसों का संचालन नियमित हो रहा है। वापसी में बसों में यात्रियों की संख्या अच्छी खासी है। मगर जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी कम है। - आरके आर्या, आरएम, पिथौरागढ़।