धारचूला में सड़क खोलने के बाद तवाघाट में आवाजाही करते वाहन। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
धारचूला (पिथौरागढ़)। बीआरओ ने एक सप्ताह से बंद पड़ी धारचूला-तवाघाट सड़क को खोल दिया है। पर्याप्त मशीनरी और मजदूर लगाकर तवाघाट-लिपुलेख के साथ ही सीमा की अन्य बंद सड़कों को खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है।
पिछले रविवार को अत्यधिक बारिश के कारण टनकपुर-तवाघाट एनएच पर दोबाट से तवाघाट के बीच कई जगहों पर करीब 500 मीटर सड़क काली नदी में समा गई थी। इस कारण चीन सीमा से संपर्क कट गया था।
लोगों की समस्या सुलझाने के लिए डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बीआरओ के अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें सड़क जल्द खोलने के निर्देश दिए थे। तवाघाट तक सड़क खुलने से सीमांत के लोगों को कुछ राहत मिली है।
बीआरओ के 80 मजदूर, एक्टिवेटर और जेसीबी मशीनें बंद सड़कें खोलने के काम में जुटीं हैं। बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि मौसम साफ होने पर रात-दिन काम कर धारचूला से तवाघाट तक लगभग 20 किमी सड़क रविवार सुबह 10 बजे सभी प्रकार के वाहनों के लिए खोल दी गई।
तवाघाट-लिपुलेख सड़क के कई दिनों से बंद होने के कारण व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों के साथ सुरक्षा कर्मियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि व्यास घाटी के तवाघाट-लिपुलेख सड़क पेलस्ती, छंकन के पास सड़क बंद है जिसे दो या तीन दिन में खोल दिया जाएगा।
दारमा सड़क 80 दिन से बंद
धारचूला। दारमा घाटी की सड़क पहाड़ी से मलबा आने के कारण 80 दिन से बंद है। इससे तल्ला-मल्ला दारमा और चौदास घाटी के छोटे-बड़े 40 गांवों के लोगों के साथ सेना-आईटीबीपी के जवानों को 10 से 15 किमी तक जोखिम भरी पैदल यात्रा करनी पड़ रही है।
एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की टीम को सड़क खोलने के लिए हेलिकॉप्टर से दारमा घाटी भेजा है। एसडीएम ने बताया कि मौसम सही होने पर शीघ्र ही दारमा घाटी की सड़क खोल दी जाएगी।