पिथौरागढ़। बारहमासी सड़क की बदहाली से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। इससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
उनका कहना है कि सरकार ने जिस सड़क को बारहमासी नाम देकर बनाया उसकी पोल बरसात में ही खुल गई है। हल्की बारिश में भी कई जगह भूस्खलन होने से सड़क बंद हो जा रही है। इससे बड़ी आबादी को काफी दिक्कतें हो रहीं हैं। उन्होंने शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
आक्रोशित कार्यकर्ता शनिवार को जिलाध्यक्ष त्रिलोक सिंह महर के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। उन्होंने वहां शासन-प्रशासन और एनएच प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि करोड़ों की लागत से बनी बारहमासी सड़क कमजोर हो गई है। करीब 150 किमी लंबी इस सड़क पर निर्माण के बाद भूस्खलन, सुरक्षा दीवार टूटने की कई घटनाएं हो गई हैं।
सड़क बंद होने से सीमांत जिले पिथौरागढ़ में रोजमर्रा के सामान के साथ सब्जी, फल आदि सामान महंगा हो रहा है। युवा कांग्रेस अध्यक्ष ऋषेंद्र महर और कांग्रेस उपाध्यक्ष जावेद खान ने कहा कि पहाड़ की सड़कें पहले से ही संवेदनशील थीं। अब हादसों का ज्यादा खतरा बढ़ गया है।
उन्होंने सड़क निर्माण की सीबीआई जांच करा दोषी ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की। उन्होंने स्थानीय विधायक पर भी सवाल उठाए। कहा कि आखिर वह इस सड़क पर क्यों चुप हैं।
इस मौके पर जिला महामंत्री गजेंद्र वल्दिया, राजेश्वरी धामी, हीरा बिष्ट, पद्मा बिष्ट, मदन भट्ट, त्रिलोक बिष्ट, खीमराज जोशी, सुभाष पुनेड़ा, दिनेश बिष्ट, दीपक बेलाल आदि रहे।