पिथौरागढ़। पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए प्रांतीय आह्वान पर जिले के सभी कार्मिकों ने बांहों पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। सभी कार्मिक 06 सितंबर तक अपनी बाह पर काला फीता बांधकर कार्य करेंगे। उसके बाद 26 सितंबर को जिला मुख्यालय में सामूहिक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र लुंठी और जिला सचिव मोहित बिष्ट के नेतृत्व में जिले भर में कार्मिकों ने सोमवार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। इस मौके पर राज्य और केंद्र सरकार से सभी कर्मचारी और शिक्षकों को पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। उन्होंने इस मांग के बहाल होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। जिलाध्यक्ष लुंठी ने कहा कि 23 जुलाई को भारत की वित्तमंत्री ने जो बजट पेश किया उसमें भी पुरानी पेंशन की मांग को दरकिनार किया गया।
सोमवार से जिले के 1600 से अधिक राजकीय प्राथमिक और इंटर कॉलेज और जिले के 50 से अधिक सरकारी संस्थानों में कार्यरत 10,000 से अधिक शिक्षक और कार्मिक इस आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इससे पहले पुरानी पेंशन बहाली के लिए पूर्व में गठित सोमनाथन रिव्यू कमेटी ने भी केंद्रीय कर्मचारियों की यूनियनों से सुझाव लेने के लिए आमंत्रण भेजा था, उसमें भी इसका निर्णय नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकारों को पुरानी पेंशन ही बहाल करनी होगी। उन्होंने केंद्र सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूपीएस को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बंधु के नेतृत्व में आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर केएस अधिकारी, प्रवीण रावल, रविंद्र धामी, प्रेम जोशी दीपा रावत, जेपी वर्मा, मुकेश गहतोड़ी, अंजू जोशी, दीपक जोशी आदि मौजूद रहे।