नगर निगम के नए वार्डों के नाम और सीमांकन के विरोध में उतरे लोग
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पिथौरागढ़ नगर निगम बनने के बाद नए वार्डों का सीमांकन शुरू होते ही लोग इसके विरोध में उतर गए हैं। लोगों ने नए वार्डों का गलत सीमांकन करने की बात कर आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रशासन को 40 वार्डों से 27 आपत्तियां मिली हैं।किसी ने कहा कि एक ही पड़ोस में रह रहे परिवारों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया तो किसी ने कहा एक ही मूल गांव के कुछ हिस्से को दूसरे वार्ड में शामिल करना गलत है। ऐसे में प्रशासन के लिए भी इन आपत्तियों को सुलझाना चुनौती होगा।
मंगलवार को नगर निगम में बने नए वार्डाें के सीमांकन को लेकर आपत्तियां दर्ज हुईं। डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराई गईं। दौला के रोहित नगरकोटी ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि नए सीमांकन में इस वार्ड के 12 परिवारों को भाटकोट वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
कहा एक ही पड़ोस में रहने वाले लोग अन्य वार्ड में शिफ्ट कैसे हो सकते हैं। वहीं ऐंचोली के पूर्व सभासद महेश पांडे ने कहा कि वार्ड का सीमांकन गलत हुआ है। हमारे मूल गांव के कुछ हिस्से को अन्य वार्ड में शामिल किया गया है इसे निरस्त किया जाना चाहिए। भाटकोट वार्ड की पूर्व सभासद सरस्वती मखौलिया ने वार्ड के दूसरे हिस्से को रई वार्ड के नाम से पहचान दिलाने की मांग की। वहीं टकाना और पियाना के नाम से दो वार्ड बनाने का सुझाव भी दर्ज किया गया।
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धनौड़ा के चंद्र सिंह नेगी ने कहा कि परिसीमन में उन्हें दूसरे वार्ड में शामिल किया गया है जबकि उनका मकान और जमीन पहले वार्ड में है। भगवान रावत ने सरस्वती विहार कालोनी क्षेत्र को स्यालबाड़ा वार्ड बनाने की मांग की। कहा कि यह क्षेत्र जीआईसी या सरस्वती विहार कालोनी के नाम से जाना जाता है जबकि स्यालबाड़ा सैकड़ों साल पुराना गांव है। इस मामले में डीएम रीना जोशी ने कहा कि आपत्तियों को सुझावों को गंभीरता से लेकर इनका निस्तारण किया जाएगा।
आपत्तियों पर सुनवाई के लिए तिथि निर्धारित करने की मांग
पिथौरागढ़ नगर के लोगों ने कहा कि वार्डों के सीमांकन के लिए मिली आपत्तियों और सुझावों पर सिर्फ 45 मिनट चर्चा हुई। इस गंभीर विषय को इतने कम समय में कैसे सुलझाया जा सकता है। उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर मामलों पर उचित चर्चा के लिए तिथि तय करने की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे न्यायालय की शरण में जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में पूर्व सभासद सुबोध बिष्ट, अनिल महरा, कवींद्र शाह, राकेश सिंह आदि शामिल रहे।