पिथौरागढ़। राष्ट्रीय कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कुमाऊंनी भाषा में अधिकाधिक संवाद पर जोर दिया। कहा कि बाहरी ग्रंथों का कुमाऊंनी में अनुवाद करने के स्थान पर कुमाऊंनी में ऐसे मौलिक ग्रंथ लिखे जाने चाहिए जिनको देश की अन्य भाषा में अनुदित किया जाए।
टनकपुर रोड स्थित एक बरातघर में आयोजित सम्मेलन में वरिष्ठ पत्रकार बीडी कसनियाल ने कहा कि कुमाऊंनी भाषा में 13 बोलियां हैं। उनमें भावजन्य और प्रभावशाली शब्दों को लेकर मानकीकृत कुमाऊंनी तैयार होनी चाहिए जिससे कि कुमाऊंनी भाषा को कुमाऊं में समान रूप से स्वीकार किया जा सके।
दूसरे दिन सत्र में चर्चा का मुख्य विषय कुमाऊंनी साहित्य एवं संस्कृति के प्रचार प्रसार में मीडिया, महोत्सव व सरकार का योगदान था। चारु तिवारी ने दुदबोली पर विस्तृत बात रखी।
डाॅ. दीपा गोबाड़ी ने कुमाऊंनी भाषा साहित्य में आधुनिक जीवन मूल्य विषय पर, डाॅ. पवनेश ठकुराठी ने काव्य में जीवन मूल्य, किरन जोशी ने कथा साहित्य में जीवन मूल्य, महेश पुनेठा ने सामाजिक, राजनीतिक चुनौतियों और उनके समाधान पर, चिंतामणि जोशी ने कथेत्तर साहित्य में जीवन मूल्य पर व्याख्यान दिया।
महेंद्र ठकुराठी ने कुमाऊंनी लोकगीत व संगीत में जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। अतिथि डाॅ. गुरुकुलानंद सरस्वती, प्रो. नरेंद्र भंडारी, पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, डाॅ. भुवन जोशी, डाॅ. कीर्तिबल्लभ शक्टा, पद्ममश्री बसंती आदि रहे।
सम्मेलन में किरसाण का विमोचन
सम्मेलन में शिक्षक दिनेश भट्ट की पुस्तक समाज शिक्षा विज्ञानकि बात और डाॅ. गिरीश अधिकारी के खंड काव्य किरसाण का विमोचन किया गया। डाॅ. दिवा भट्ट, विपिन जोशी को कुमाऊंनी भाषा साहित्य व संस्कृति प्रचार समिति द्वारा सम्मानित किया गया। संवाद
डॉ. आनंदी सहित विभिन्न साहित्यकारों को किया पुरस्कृत
पिथौरागढ़। राष्ट्रीय कुमाउनी भाषा सम्मेलन’ में न्यू सेरा पिथौरागढ़ निवासी पूर्व शिक्षिका डाॅ. आनंदी जोशी को प्रतिष्ठित बहादुर बोरा ‘श्रीबंधु’ कुमाऊंनी कथा साहित्य पुरस्कार और सरस्वती भट्ट स्मृति बाल नाटक लेखन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डाॅ. जोशी के कुमाऊंनी कथा साहित्य और बाल नाटक लेखन में उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए यह पुरस्कार प्रदान किया गया। डाॅ. भारती पांडे को साक्षात्कार लेखन प्रतियोगिता में पुरस्कृत किया गया। डाॅ. धाराबल्लभ पांडे, नीरज पंत को साहित्य सेवी सम्मान प्रदान किया गया। डाॅ. गिरीश अधिकारी को लेखन पुरस्कार, नारायण लोधियाल, रोहित पांडे को बाल कहानी लेखन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।