डेढ़ करोड़ के वॉटर पार्क में मलबे के अलावा कुछ भी नहीं
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पर्यटन को बढ़ावा देने के दावे कर चंडाक में मैग्नेसाइट फैक्ट्री के पास बनाया गया डेढ़ करोड़ का वॉटर पार्क पहले ही मानसूनकाल में मलबे से पट गया। गधेरे में बने वॉटर पार्क के निर्माण में सुरक्षा को पूरी तरह अनदेखा किया गया। नतीजतन पहाड़ी से निकला मलबा वॉटर पार्क और स्विमिंग पूल में भर गया है इसकी सफाई में फिर से लाखों खर्च होंगे। मलबे से पटे वॉटर पार्क को लेकर कई तरह के सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
चंडाक मैग्नेसाइट फैक्ट्री के ठीक नीचे गधेरे के बहाव को रोककर पर्यटन को बढ़ावा देने के दावे कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये से वॉटर पार्क और स्विमिंग पूल का निर्माण किया गया है। संचालन के बाद पहले ही मानसूनकाल में यह वॉटर पार्क मलबे से पट गया। संवाद न्यूज एजेंसी ने वॉटर पार्क पहुंचकर पड़ताल की। पॉर्क बनाने के लिए गधेरे के प्राकृतिक बहाव को तो रोका गया लेकिन सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए गए। अनियोजित कटान से पहाड़ी कमजोर हो गई। पहले ही मानसूनकाल में बारिश के बाद पहाड़ी से बड़ी मात्रा में निकला मलबा पार्क और स्विमिंग पूल पहुंच गया। नजीजनत पार्क और स्विमिंग पूल में अब तीन फुट मलबे के अलावा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। पर्यटक भी पूरी तरह गायब हैं और चारों तरफ पटा मलबा विकास के दावों की हकीकत बयां कर रहा है।
मैग्नेसाइट फैक्ट्री को भी खतरा
वॉटर पार्क के निर्माण से मैग्नेसाइट फैक्ट्री को भी खतरा पैदा हो गया है। पार्क के निर्माण के समय फैक्ट्री की सुरक्षा को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया। अब गधेरे में भूस्खलन होने से फैक्ट्री भी आपदा की जद में आ गई है।
फैक्ट्री से निकला कैमिकल पार्क में पहुंचा, चिंता
बीते दिनों हुई बारिश के बाद मैग्नेसाइट फैक्ट्री से निकला कैमिकल वॉटर पार्क और स्विमिंग पूल में पहुंचा है। स्विमिंग पूल में जल क्रीड़ा के जरिए पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने के दावे किए गए। फैक्ट्री से स्विमिंग पूल में पहुंचने वाले कैमिकल को रोकने के लिए इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में जल क्रिड़ा के दौरान खतरा हो सकता है।
वॉटर पार्क में बड़ी आपदा आई तो हो सकता है नुकसान
चंडाक वॉटर पार्क के ठीक ऊपर पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा निकला है। यदि भविष्य में भूस्खलन हुआ और वॉटर पार्क को नुकसान हुआ तो पानी के साथ बहा मलबा चंडाक सड़क को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं यह मलबा आबदी में पहुंचकर बड़ी आपदा का कारण बन सकता है।
बारिश के बाद पहाड़ी में भूस्खलन होने से मलबा वॉटर पार्क में पहुंचा है। मलबा हटाकर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। मैग्नेसाइट फैक्ट्री की सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जाएगा।
-राजदेव जायसी, ईओ, नगर निगम, पिथौरागढ़।