पिथौरागढ़। सीमांत जिले के बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल किसी से छुपा नहीं है। सरकार व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर कई दावे तो कर रही है लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार होता नहीं दिख रहा है।
पीएचसी देवलथल में पिछले कई सालों से चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। बावजूद इसके चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने के कारण बाराबीसी क्षेत्र की करीब 15 हजार से अधिक की आबादी परेशान है।
बाराबीसी क्षेत्र के एकमात्र अस्पताल पीएचसी देवलथल में चिकित्सकों के तीन पद स्वीकृत हैं। स्वीकृत पदों के सापेक्ष एक भी चिकित्सक कार्यरत नहीं है। आलम ये है कि बाराबीसी क्षेत्र के लोगों का स्वास्थ्य फार्मासिस्ट के भरोसे है।
फार्मासिस्ट के तीन पदों में से एक पद खाली है। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र बसेड़ा का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र के लोग चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
इसके बाद भी चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। मामूली पेट दर्द और दांत के दर्द के उपचार के लिए लोगों को जिला मुख्यालय दौड़ लगानी पड़ती है। पीएचसी देवलथल केवल रेफर सेंटर बनकर रह गया है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए वह कई बार आंदोलन कर चुके हैं। इसके बाद भी चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। शीघ्र ही नियुक्ति नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जिले में चिकित्सकों और अन्य रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को लगातार भेजी जा रही है। नये चिकित्सक मिलने पर नियुक्ति कर दी जाएगी। - डॉ. एचसी पंत, सीएमओ पिथौरागढ़।