पिथौरागढ़। तीन सूत्री मांगों को लेकर ट्रक मालिकों ने हड़ताल शुरू कर दी है। ट्रक मालिकों की हड़ताल से 200 से अधिक ट्रांसपोर्ट वाहन खड़े हो गए हैं। यदि हड़ताल शीघ्र खत्म नहीं हुई तो जिले में खाद्यान्न से लेकर निर्माण सामग्री की कमी हो सकती है।
मंगलवार को देवभूमि ट्रक ऑनर्स वेलफेयर महासंघ के आह्वान पर पिथौरागढ़ के ट्रक मालिक डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पहाड़ के लिए आने वाले वाहनों का भार मापने के लिए सरकारी कांटा लगाए जाने, सकल भार में 25 प्रतिशत की छूट दिए जाने और नियमों के उल्लंघन पर चालान का अधिकार एआरटीओ और टीआई को ही दिए जाने की मांग उठाई।
ट्रक मालिकों ने कहा कि धारचूला-पिथौरागढ़-टनकपुर रूट पर जिले भर में लगभग 200 से अधिक ट्रक माल सप्लाई करते हैं। यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए जाते हैं तो खाद्यान्न, निर्माण सामग्री, रसोई गैस सहित सभी सामान की आपूर्ति ठप कर दी जाएगी। इस दौरान पिथौरागढ़ के यूनियन अध्यक्ष अजय वल्दिया, व्यापार संघ अध्यक्ष तपन रावत, पवन पाटनी सहित अन्य ट्रक स्वामी मौजूद रहे।
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चंपावत जिले में नहीं हुए ट्रकों के पहिये जाम
चंपावत। कुमाऊं में ट्रकों के चक्का जाम का एलान चंपावत जिले में बेअसर रहा। यहां ट्रक आम दिनों की तरह ही माल लाते और ले जाते रहे। नेपाल सीमा से लगे बनबसा से नेपाल के लिए भी ट्रकों से सामान की ढुलाई जारी रही।
देवभूमि ट्रक ऑनर्स वेलफेयर महासंघ ने ओवरलोडिंग पर कार्रवाई समेत तीन मांगों को लेकर मंगलवार से हड़ताल की चेतावनी दी थी लेकिन यहां हड़ताल नहीं होने से किसी तरह का काम प्रभावित नहीं हुआ। ट्रांसपोर्टर अब्दुल कलीम का कहना है कि लोहाघाट, चंपावत, पाटी, बाराकोट सहित जिले के पहाड़ी हिस्सों में सामान की आवाजाही पहले की तरह होती रही। वहीं बनबसा के व्यापार मंडल महामंत्री अभिषेक गोयल ने बताया कि यहां भी हड़ताल का कोई असर नहीं हुआ।