बेड़ीनाग में सार्वजनिक नल के पास पानी आने के इंतजार में लोगों की ओर से रखे गए बर्तन। संवाद
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। एक कहावत है पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी पहाड़ के काम नहीं आता। पहाड़ों से पानी बहकर मैदानों में चला जाता है और यहां के युवक रोजगार की तलाश में मैदानों को चले जाते हैं। यह कहावत चरितार्थ हो रही है जिले के बेड़ीनाग में। कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण बेड़ीनाग में गंभीर पेयजल संकट हो गया है। 15 हजार की आबादी को पेयजल जुटाने में दिक्कत हो रही है।
बेड़ीनाग नगर को दो एमएलडी पानी की आवश्यकता है लेकिन सिर्फ 0.6 एमएलडी पानी ही लोगों को मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि तीसरे से चौथे दिन एक परिवार को मात्र 150 लीटर पानी मिल पा रहा है। एक व्यक्ति करीब एक दिन में करीब 120 से 150 लीटर पानी का इस्तेमाल करता है। अंदाजा लगाया जा सकता है बेड़ीनाग के लोग कैसे पानी का गुजारा कर रहे होंगे। उन्हें तीसरे-चौथे दिन मात्र 150 लीटर पानी ही मिल पा रहा है।
छोटे परिवार तो जैसे-तैसे पानी का गुजारा कर रहे हैं। बड़े परिवार और मवेशी पालकर आजीविका चलाने वाले लोग पेयजल संकट से से परेशान हैं। बेड़ीनाग में एक व्यक्ति के हिस्से में मानक से पांच गुना कम पानी मिल रहा है।
नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए दो एमएलडी पानी की जरूरत है। गोरघटिया पंपिंग पेयजल योजना से इस समय मात्र 0.6 एमएलडी पानी ही मिल रहा है। मांग के अनुसार काफी कम पानी मिलने से समस्या बनी है। बिजली कटौती होने से पानी पंप नहीं हो पा रहा है। फिर भी हरसंभव प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को पानी मिल सके। - महेश रौतेला, अवर अभियंता, जल संस्थान, बेड़ीनाग।