पिथौरागढ़। जुम्मा में मलबे के बीच जिंदगी की तलाश दूसरे दिन भी जारी रही। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसएसबी और ग्रामीणों की टीम मलबे के बीच लापता दो लोगों को तलाशती रही। धारचूला ऐलागाड़ सड़क और निर्माणाधीन एलागाड़ जुम्मा सड़क के बंद होने से राहत कार्यों में दिक्कत हो रही है। प्रशासन गांव में हेली से खाद्यान्न और अन्य चीजों की व्यवस्था करा रहा है।
धारचूला विकासखंड के जुम्मा गांव में भारी बारिश के कारण रविवार करीब डेढ़ बजे रात गांव के ऊपर भूस्खलन होने से जामुनी और नानपोली तोक के सात मकान जमींदोज हो गए। मलबे में सात लोग लापता हो गए थे, जिनमें से तीन किशोरियों समेत पांच लोगों के शव सोमवार को ही मलबे से निकाल लिए गए थे। चंद्र सिंह और उनकी पत्नी हाजरी देवी का पता नहीं चल सका। मंगलवार को सुबह से ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और एसएसबी की टीम मलबे के बीच शवों को तलाशती रही लेकिन दोनों का पता नहीं चल सका। बचाव दल अभी भी मलबे से बीच से जिंदगी मिलने की उम्मीद में रेस्क्यू अभियान चला रहा है।
जुम्मा पहुंचना हुआ मुश्किल
पिथौरागढ़। धारचूला से आपदा प्रभावित गांव जुम्मा पहुंचना मुश्किल हो गया है। धारचूला से ऐलागाड़ 15 किमी बीआरओ की सड़क जगह-जगह बंद है। ऐलगाड़ से पीएमजीएसवाई की निर्माणाधीन सड़क भी कई स्थानों पर बंद है। इस सड़क के बंद होने से अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को धारचूला पहुंचने में दिक्कत हो रही है। डीएम डॉ.आशीष चौहान और सीओ भी मंगलवार को धारचूला में रहे।
बीआरओ के कैंप और कुलागाड़ पुल में 100 मीटर सड़क ध्वस्त
पिथौरागढ़। भारी बारिश के कारण बीआरओ कैंप ऐलागाड़ और कुलागाड़ पुल के पास 100 मीटर सड़क जगह-जगह ध्वस्त हो गई है। इससे ग्रामीण 10 किमी पैदल यात्रा कर मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं। तल्ला, मल्ला दारामा के लिए सड़क 70 दिनों से सड़क बंद चल रही है। इससे सीमांत के 40 से 50 गांवों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों के लोगों को 25 किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जन जीवन सामान्य करने का प्रयास
पिथौरागढ़। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जन जीवन सामान्य करने की सबसे पहले चुनौती है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवा आदि की कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही आपदा में ध्वस्त पैदल रास्तों और सड़कों को ठीक कर कनेक्टिविटी सहीं करने के प्रयास किए जाएंगे।