पिथौरागढ़। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को कार्ड संस्था का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान डीएम यहां पर रखे गए पीड़ित बच्चों को मिठाई बांटकर उनका हालचाल जाना। नन्हें बच्चों के साथ हुई क्रूर घटनाओं को जानकर डीएम भावुक नजर आए। उन्होंने बच्चों के संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया। डीएम ने कहा कि मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) के स्तर से बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने प्रोबेशन अधिकारी को बाल गृह बनाने का तैयार देने के लिए कहा।
निरीक्षण के दौरान डीएम डॉ. आशीष ने कार्ड संस्था जाखनी का निरीक्षण किया। उन्होंने पिछले चार वर्षों से संस्था को कोई फंड न मिलने के बाद भी पीड़ित बच्चों के पालन पोषण करने को सराहनीय बताया। संस्था की आर्थिक तंगी और माली हालत को देखते हुए डीएम ने मौके पर ही संस्था के लिए कुछ फंड की व्यवस्था भी कराई। उन्होंने कहा कि पंजीकरण होने के बाद महिला कल्याण विभाग से संस्था को नियमित फंड उपलब्ध कराया जाएगा। डीएम को बताया गया कि संस्था के माध्यम से वर्ष 2016 से अनाथ, पॉक्सो पीड़ित, तस्करी से छुड़ाए गए बच्चों का लालन-पालन कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। वहां अभी 12 बच्चों को संरक्षण दिया गया है। इस मौके पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष लक्ष्मी भट्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय गौरव, प्रोडक्शन अधिकारी रितु भट्ट, समिति के सदस्य रेखा रानी, जगदीश कलौनी, मनोज पांडेय, नेहा पांडेय, संस्था के सचिव सुरेंद्र आर्या आदि मौजूद रहे।
आठ साल में 1098 नंबर पर 3132 शिकायतें दर्ज
पिथौरागढ़। महिला और बाल विकास मंत्रालय के माध्यम से चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 संचालित है। इसमें पिछले आठ साल में 3132 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 3086 मामलों का सुलझाकर बंद कर दिया है। 46 मामलों में कार्रवाई की जा रही है। अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 658 मामले दर्ज हुए। इनमें छेड़छाड़ के 12, काउंसिलिंग के 61, बाल विवाह के छह, बाल श्रम के पांच, घरेलू हिंसा के 36, स्वास्थ्य संबंधी 16, आश्रय गृह संबंधी 12, शिक्षा संबंधी 56, भिक्षावृत्ति संबंधी आठ, मानव तस्करी की एक, वात्सल्य योजना के 67, बच्चों के आधार कार्ड बनाने में सहयोग की 14, कोविड के दौरान खाद्य सामग्री दिक्कत की 355 शिकायत दर्ज हुई। चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वयक लक्ष्मण सिंह ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन टीम हमेशा तत्पर रहती है। शिकायतें मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।