पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के पाटा, बजेटी में तेंदुए के हमले की शिकार हुई आठ साल की बच्ची का शव सुबह घर से कुछ दूर झाड़ियों में मिला। आक्रोशित ग्रामीणों ने दो तेंदुओं को आदमखोर घोषित करने के साथ ही क्षेत्र में एक से अधिक पिंजरे लगाने की मांग की है और वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। वन विभाग ने तेंदुए को आदमखोर घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
रविवार रात करीब आठ बजे पाटा क्षेत्र में तेंदुआ घर के दरवाजे से बुआ गोदावरी देवी के साथ रहने वाली ऊपरतोला निवासी पुष्कर राम की लड़की मानसी (8) को उठा ले गया। घटना के बाद रात में उसकी काफी खोजबीन की गई लेकिन बच्ची का पता नहीं चला। डीएम आशीष चौहान, एसडीएम नंदन कुमार, तहसीलदार पंकज चंदोला, वन रेंजर डीसी जोशी मौके पहुंचे। उन्होंने भी ग्रामीणों के साथ बच्ची को खोजने की कोशिश की। एसडीआरएफ प्रभारी राजेश जोशी की टीम ने भी खोज अभियान चलाया लेकिन बच्ची का कुछ पता नहीं चला।
सोमवार सुबह छह बजे वन विभाग ने फिर से बच्ची को खोजना शुरू किया तो मानसी शव घर से 100 मीटर की दूरी पर क्षत विक्षत हालत में मिला। तेंदुए ने बच्चे के पैरों का हिस्सा खा लिया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा, पीसीसी सदस्य दीपक लुंठी, बसपा जिलाध्यक्ष राजेश कुमार बबलू ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मयूख महर ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देकर उनका हाल जाना। इधर, सोमवार को डीएम कार्यालय जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र प्रकाश और अशोक कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा वन विभाग को तेंदुए के आबादी क्षेत्र में आने की सीसीटीवी फुटेज देने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाए गए। अगर विभाग की ओर से सही समय पर कदम उठाए जाते तो मासूम की जान नहीं जाती। चंद्र प्रकाश ने बताया तेंदुआ नौले में अक्सर पानी पीने आता है, जो कभी दो या शाम पांच बजे नौले की छत पर दिखाई देता है। इस नौले से सभी ग्रामीण पानी पीते हैं। उन्होंने बताया कि उनके घर से कुछ दूरी पर तेंदुए के आने-जाने का रास्ता है। ऐसे में डर बना हुआ है। अशोक ने कहा पीड़ित के पिता को मुआवजा दिया जाए। क्षेत्र में पिंजरा लगाने के साथ ही देखते ही तेंदुए को गोली मारने के आदेश दिए जाएं। वहीं ग्रामीणों ने पालिका पर भी प्रकाश व्यवस्था में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा क्षेत्र में पालिका को ऐसे हालात में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।
बुआ ने गाय समझकर तेंदुए पर किया हमला
पिथौरागढ़। बच्ची की बुआ गोदावरी देवी ने रोते हुए बताया कि रात के समय उनका बेटा आकाश (18) बाथरूम गया। उसके पीछे मानसी भी गई। लड़का अंदर आ गया और उसके पीछे मानसी भी दरवाजे के अंदर आई ही थी कि तेंदुए ने उसे दबोच लिया। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा कि गाय है जिसे हाथों से मारकर भगाने का प्रयास किया लेकिन उसने मानसी को नहीं छोड़ा। इसके बाद वो आंखों से ओझल हो गया। इसके बाद उन्होंने शोर मचाकर लोगों को बुलाया। बुआ कहती हैं कि मैं उसे बचा नहीं पाई। गोदावरी की बेटी करिश्मा (19) की आंखें भी नम थीं।
बुआ के साथ रहती थी मानसी
पिथौरागढ़। मानसी लंबे समय से अपनी बुआ गोदावरी के साथ रहती थी। उसके पिता पुष्कर राम बजेटी में रहते हैं। मानसी का अधिकतर समय बुआ के घर ही बीतता था। मां बच्ची से अलग रहती है। वहीं घटना से कुछ दूर दो तेंदुए एक साथ दिखाई दिए। स्थानीय निवासी रेनू ने बताया कुछ दिन पहले गांव के बीच तेंदुए ने उनके कुत्ते पर हमला किया था। क्षेत्र में तेंदुए दिखने से दहशत है।
एक से अधिक पिंजरा लगाने की मांग
पिथौरागढ़। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र प्रकाश, राजीव (बब्बू) और दीपक लोहिया ने क्षेत्र में एक से अधिक पिंजरे लगाए जाने और दो तेंदुओं को आदमखोर घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा बहादुर प्रसाद के घर के आसपास तेंदुआ लगातार चहलकदमी करते हुए सीसीटीवी में कैद हो रहा है, जिसकी फुटेज विभाग को दी गई थी। मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। अब खतरा अधिक बढ़ गया है।
तीन साल में 12 से अधिक लोग हुए तेंदुए का शिकार
पिथौरागढ़। जिले में पिछले तीन साल में तेंदुए 12 से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार चुके हैं। सितंबर 2019में मोस्टामानू मेले से घर लौट रही पपदेव की महिला को तेंदुए ने शिकार बनाया था। इसके बाद शिकारी जॉय हुकिल ने चार अक्तूबर को तेंदुए को मारा था। पिथौरागढ़ में सितंबर 2020 में सुकौली, छानापांडे में एक बच्ची, पपदेव में घास काट रही एक महिला को मार दिया था और पौण में एक बच्चे को घायल किया था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। एक बच्चे को भट्टीगांव बेड़ीनाग में मारा था। देवलथल में तीन महिलाएं, दो कनालीछीना और कुछ समय पहले गंगोलीहाट में दो बच्चों को तेंदुए ने हमला करके मौत के घाट उतार दिया था। गुरना क्षेत्र में छत पर सो रहे व्यक्ति पर तेंदुए ने हमला कर घायल किया था, जिसकी कुछ दिन बाद मौत हो गई थी। सितंबर 19 को पाटा बजेटी में आठ साल की मासूम को तेंदुए ने शिकार बनाया, जबकि तेंदुए के हमले में 50 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
प्रशासन से मिला सहयोग
पिथौरागढ़। तेंदुए के हमले में मारी गई बच्ची के बाद ग्रामीणों ने डीएम आशीष चौहान से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। डीएम ने तहसीलदार पंकज चंदोला को एक पिकप वाहन से बच्ची के शव को उनके गांव ऊपरतोला तक ले जाने के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने हर संभव मदद का भरोसा परिजनों का दिया।
घटना के बाद बढ़ गई दहशत
पिथौरागढ़। पाटा में हुई घटना के बाद दहशत बढ़ गई है। बडौली, पौण, पपदेव, बजेटी, सेरा ग्रामीणों में डर का माहौल है। उन्होंने कहा वन विभाग को क्षेत्र में लगातार गश्त करनी चाहिए, जिससे इस तरह की घटना को रोका जा सके। उधर, चंडाक और रतवाली क्षेत्र में तेंदुआ लगातार दहाड़ रहा है। ग्रामीण रातों में सो नहीं पा रहे हैं। चंडाक से नाकोट के लिए दुपहिया वाहनों में आवाजाही करने वाले शाम के समय भयभीत रहते हैं। घना बांज का जंगल होने के कारण लोग दिन में भी आने जाने में भय महसूस कर रहे हैं।
वन विभाग ने लगाया पिंजरा
पिथौरागढ़। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया है और क्षेत्र में दो ट्रैप कैमरे भी लगाए गए है। इससे तेंदुए की हरकत पर नजर रखी जाएगी। वन रेंजर डीसी जोशी ने बताया तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के लिए कार्यवाही की जा रही है। विभाग के आठ कर्मी क्षेत्र में गश्त करेंगे। हालांकि वन विभाग पहले से ही ग्रामीण और नगर क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को तेंदुए को लेकर सचेत कर रहा था।
छह आदमखोरों को मारा
पिथौरागढ़। जिले में 12लोगों को मारने वाले सात तेंदुओं को तीन शिकारियों ने मारा था। तेंदुओं को मारने के लिए शिकारी सय्यैद बिन हादी, जॉय हुकिल और हरीश धामी ने छह आदमखोर तेंदुओं को मौत के घाट उतारा था। जिसमें पिथौरागढ़, गंगोलीहाट में दो-दो, देवलथल, कनालीछीना, गंगोलीहाट में एक-एक को मौत के घाट उतारा था।
मानसी (फाइल फोटो)- फोटो : PITHORAGARH