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आठूं महोत्सव सोर की संस्कृति की पहचान- कैबिनेट मंत्री चुफाल

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सुनकुरी में गौरा महोत्सव के समापन पर मौजूद ग्रामीण। - फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगे सुनकुरी, लेटी, जमरसों में गौरा महोत्सव का समापन हुआ। मां गौरा के जयकारों के साथ झांकी निकाली गई। महोत्सव समिति के अध्यक्ष नर सिंह सौन के निर्देशन में हुए महोत्सव में यहां के कई गांवों के श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। गौराखल में मां गौरा और महेश की पूजा की गई। नागार्जुन देवता दैना होया, फिर ऋतु खेलन ऊंन आदि गीतों का गायन किया।
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गौरा खल से मौरा में एक किमी खड़ी चढ़ाई पार कर महिलाओं ने मांगलिक गीत गाए। इसके बाद मां गौरा-महेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान लोक देवताओं ने अवतरित होकर आशीर्वाद दिया। महिलाओं ने फल उछालकर प्रसाद बांटा। आयोजन में विक्रम सिंह, बद्री सिंह सौन, महेश राम, राजपाल सामंत, उमेद सिंह, राम सिंह सौन, पवन जोशी, डॉ. सतीश पांडेय, हरीश पांडेय, भीम पंत आदि ने सहयोग किया।
आठूं महोत्सव सोर की संस्कृति की पहचान : चुफाल
थल (पिथौरागढ़)। भैंस्यूड़ी के पंचकोटि देवता के क्रीड़ांगन में पांच दिन तक चले लोक पर्व आठूं महोत्सव का कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने समापन किया। उन्होंने कहा कि यह मेले सोर क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान हैं। सरकार इनके संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है। इन महोत्सव और मेलों में हमारी लोक संस्कृति के साथ हमारी पौराणिक आस्था भी जुड़ी हैं।
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कैबिनेट मंत्री ने रविवार को भैंस्यूड़ी में आठूं महोत्सव के समापन कार्यक्रमों का शुभारंभ दीप जलाकर किया। उन्होंने आठूं महोत्सव समिति को विधायक निधि से दो लाख रुपये देने की घोषणा की। चौबाटी से भैंस्यूड़ी तक चार किमी लंबी सड़क पर डामरीकरण का भी आश्वासन दिया। अन्य लोगों के साथ मंत्री भी चांचरी और ठुल खेल का हिस्सा बने।
लोक कलाकारों, गित्यार महिलाओं ने चांचरी, ठुल खेल, पंखुड़ियां, रामायण के साथ कई लोक संस्कृति पर आधारित कई प्रस्तुतियां दीं। आठूं महोत्सव समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह देउपा ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख बबीता चुफाल, सामाजिक कार्यकर्ता भगवान सिंह देउपा, मल्ली भैंस्यूड़ी प्रधान चंदन सिंह देउपा, भाजयुुमो उपाध्यक्ष संजय चुफाल, नरेंद्र सिंह देउपा, बलवंत सिंह देउपा, मान सिंह, पूरन सिंह, आनंद सिंह देउपा आदि रहे।
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