धारचूला(पिथौरागढ़)। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने चीन सीमा से लगे अंतिम गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्या सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों को समस्याओं के समाधान का हरसंभव भरोसा दिलाया। इस दौरान डीएम ने कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग, ओम पर्वत नाबीढांग और आदि कैलाश-ज्योलीकांग तक सड़कों का निरीक्षण किया।
डीएम डॉ. आशीष चौहान, सीडीओ, केएमवीएन के एमडी नरेंद्र सिंह भंडारी ने नाबी होम स्टे का निरीक्षण किया। नाबी होम स्टे पर पहुंचने पर होम स्टे स्वामी और प्रधान सनम नबियाल ने उनका स्वागत किया। प्रधान सनम और नवयुवक मंगल दल अध्यक्ष मदन नबियाल ने सड़क सुधारीकरण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और मोबाइल टावर सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर ज्ञापन दिया। डीएम ने समस्याओं के समाधान का हर संभव भरोसा दिया है। डीएम ने 10 हजार से 14500 फुट की ऊंचाई और तापमान 10 से 12 में भी विषम परिस्थितियों में सड़क सुचारु रखने पर बीआरओ के अधिकारियों और मजदूरों की सराहना की।
गुंजी में कैलाश संग्रहालय बनाने की योजना
धारचूला। डीएम ने व्यास घाटी की खूबसूरती से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने गुंजी में कैलाश संग्रहालय बनाने की योजना की जानकारी भी दी। शिव महोत्सव में आए अतिथि और पर्यटकों को रात दो बजे तक भोजन कराने, रहने सहित अन्य जरूरत की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ग्राम प्रधान सनम और उनकी टीम का आभार प्रकट किया। इस दौरान गायक बीके सामंत, गोविंद डिगारी, कमलजीत ढकरियाल, भगवती ने पहाड़ी, हिंदी, रं बोली के गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।
रं बोली में गीत लिखने के लिए प्रेरित
धारचूला। कमलजीत ढकरियाल के स्थानीय रं बोली के गीतों को सुनकर डीएम काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कमलजीत को अपनी रं बोली में और अधिक गीत लिखकर अपनी बोली को बचाने के कार्य करने की अपील की।
सभी का जताया आभार
धारचूला। डीएम ने सेना,आईटीबीपी, एसएसबी,केएमवीएन, बीआरओ, रं कल्याण संस्था, समस्त कलाकारों की टीम और स्थानीय लोगों के साथ-साथ सभी विभागों का शिव महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आभार जताया।