पिथौरागढ़। चंडिका घाट पुल निर्माण कार्य में देरी से लोगों में आक्रोश है। नाराज लोगों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर पुल निर्माण की मांग की। उन्होंने शीघ्र पुल का निर्माण न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बताया कि पुल को वर्ष 2006 में स्वीकृति मिल गई है। तब से छह साल बाद भी पुल निर्माण नहीं हो सका है।
आक्रोशित लोग शुक्रवार को पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और पूर्व प्रदेश महामंत्री जगत सिंह खाती के नेतृत्व में चंडिकाघाट मंदिर में एकत्र हुए। उन्होंने वहां शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से सुवालेख रसैपाटा होकर चंडिकाघाट मंदिर तक सड़क पहुंच चुकी है। बेड़ीनाग खंड से गंगोलीहाट दसाईथल, चोली चंडिका घाट नदी तक सड़क पहुंच चुकी है।
वर्ष 2006 में चंडिका घाट में रामगंगा नदी में 80 मीटर पुल स्वीकृत हुआ था लेकिन छह साल बाद भी निविदा तक नहीं लग सकी है। पुल के न बनने से गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, कनालीछीना, मूनाकोट पिथौरागढ़ के लोग प्रभावित हो रहे हैं। सड़क गंगोलीहाट से भी पिथौरागढ़ से भी रामगंगा नदी चंडिकाघाट तक पहुंच चुकी है। अगर पुल बन जाता तो एक ही दिन में आदमी चंडिकाघाट घाट मंदिर, पाताल भुवनेश्वर गुफा के दर्शन करके शक्तिपीठ महाकाली के दर्शन करके पिथौरागढ़ लौटा जा सकता हैं।
सड़क धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। खाती का कहना है कि पुल निर्माण की मांग के लिए बेड़ीनाग में ईई कार्यालय, एसई कार्यालय, सीडीओ, डीएम, सीएम से भी गुहार लगा चुके हैं। इसके बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने 15 दिन के भीतर निविदा लगाकर पुल निर्माण का कार्य शुरू न करने पर लोनिवि बेड़ीनाग कार्यालय और इसके बाद डीएम कार्यालय में धरना, प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता यूथ कांग्रेस दीपक तिवारी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भास्कर भट्ट, जीवन चंद्र जोशी, हिमांशु जोशी, लाल सिंह मेहता, टिकेंद्र मल आदि रहे।
सड़क के लिए बेलतड़ी में मौन धरना
मूनाकोट/गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। अशोकनगर-बेलतड़ी मोटर मार्ग आंदोलन के 21वें दिन ग्रामीणों ने विजयदशमी पर सरकार और स्थानीय विधायक का पुतला दहन कर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि उनकी अनदेखी करने वाली सरकार को सबक सिखाया जाएगा।
ग्रामीणों ने शुक्रवार को धरना स्थल पर मौन व्रत रख सरकार और स्थानीय विधायक के खिलाफ विरोध जताया। आंदोलनकारियों ने कहा कि गुंजी में होने वाले शिव महोत्सव में सरकारी धन खर्च कर सिर्फ बर्बादी की जा रही है। ये सिर्फ वोट बैंक का एजेंडा है लेकिन सड़क बनाने के लिए सरकार के पास धन नहीं है। बेलतड़ी, धारी, बिलाई, पत्थरखानी, सौनगांव, क्वारबन, भाटीगांव के ग्रामीण सड़क के निर्माण की मांग के लिए जुटे रहेंगे। धरने पर दीपक भट्ट और जगदीश भट्ट बैठे।
वहीं गंगोलीहाट में मड़कनाली-सुरखाल पाठक सड़क के लिए ग्रामीण का अनशन 96वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को किशन सिंह रावत, राजेंद्र सिंह बिष्ट क्रमिक अनशन पर बैठे। उन्होंने कहा कि सरकार सड़क सुविधा से ग्रामीणों को वंचित रख रही है। इस दौरान आंदोलन समिति के अध्यक्ष ललित सिंह, केदार सिंह, बलबीर सिंह, जगत सिंह, पुष्कर सिंह, भगवान सिंह, नारायण सिंह, प्रताप सिंह शामिल रहे।