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गैस, सरसों के बढ़ते दामों ने बिगाड़ी महिलाओं की रसोई

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पिथौरागढ़ में चाय पर चर्चा करती नेड़ा क्षेत्र की महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। विधानसभा चुनाव का चर्चा जोर शोर से चल रहा है। महिलाएं रसोई गैस और सरसों के बढ़ती कीमतों से खासा परेशान हैं। वो कहती हैं कि महंगाई के बजाए अन्य मुद्दे चुनाव पर हावी होते जा रहे हैं। नेड़ा में लीला शर्मा के आवास पर महिलाओं ने बढ़ती महंगाई पर चिंता व्यक्त की।
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उन्होंने कहा कि पहले नेड़ा से सिल्थाम तक 2.5 किमी का जीप का किराया पांच रुपया होता था, जिसके लिए अब 20 रुपये देने पड़ते हैं। चाय की चुस्की लेते हुए महिलाएं बोलीं कि रसोई की बात तो कोई करता ही नहीं।
सब्जी, दाल के दाम की तो मत पूछिए। उन्होंने कहा महंगाई को कम करने की कोई बात नहीं करता है। बेस अस्पताल का भवन बन गया है। डॉक्टर और अन्य स्टाफ के बिना इलाज कैसे संभव है।
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रोजगार है नहीं। गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। लकड़ी तोड़कर खाना बनाना पड़ता है। खाना तो दोनों समय चाहिए। - रेनू शर्मा, स्थानीय
सरकार महंगाई पर ध्यान नहीं दे रही है। केंद्र-राज्य सरकार को महिलाओं के बारे में भी सोचना चाहिए। आखिर महिलाओं की बात क्यों नहीं। - कमला बिष्ट, स्थानीय
बेस अस्पताल तो बन गया है, मगर उसका संचालन नहीं हुआ है। जबकि सभी व्यवस्थाओं के साथ बेस का संचालन बेहद जरूरी है। - जानकी, स्थानीय
सरकार ने सभी को वैक्सीन लगाकर कोरोना महामारी से लड़ने में मदद की। मगर बेरोजगार हो चुके लोगों के लिए रोजगार भी उपलब्ध कराना चाहिए था। - रेखा, स्थानीय
सुविधाओं का विस्तार तो हुआ लेकिन सबसे जरूरी रसोई गैस तो महंगी हो रही है। आखिर दामों को बढ़ाने का कारण क्या है। सरकार जनता को समझाए तो क्या है मन में। - लीला शर्मा, स्थानीय
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