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समस्याओं के समाधान के लिए करते हैं मतदान, चुनाव के बाद नेताजी अनजान

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पिथौरागढ़ का चामी उप स्वास्थ्य केंद्र। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। चामी क्षेत्र के लोग चुनावों में मतदान तो करते हैं मगर उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्या का आज तक समाधान नहीं हो सका। क्षेत्र के करीब 25 गांवों में 12 हजार से अधिक की आबादी है।
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लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने उद्देश्य से 12 साल पहले चामी उप स्वास्थ्य केंद्र खोला गया। वर्तमान में उपकेंद्र जीर्णशीर्ण हालत में है। जांच सुविधा के नाम पर यहां कुछ नहीं है। मरीजों को उपचार के लिए 60 किमी दूर धारचूला या फिर 85 किमी दूरी पिथौरागढ़ जाना पड़ता है। धारचूला से रेफर होने पर भी लोगों को जिला मुख्यालय ही आना पड़ता है। ऐसे में अधिकतर लोग पिथौरागढ़ उपचार कराना बेहतर समझते हैं।
चामी उप स्वास्थ्य केंद्र खोले करीब 12 साल का समय हो गया है लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो सका है। उपचार के लिए अधिकतर लोग पिथौरागढ़ ही जाते हैं। व्यवस्थाएं बेहतर की जानी चाहिए। - हेमंत प्रसाद, समाजसेवी
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स्वास्थ्य उप केंद्र में प्रसव की कोई व्यवस्था नहीं है। महिलाओं के उपचार के लिए कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। आए दिन लोगों को उपचार के लिए धारचूला और पिथौरागढ़ की दौड़ लगानी पड़ती है। - रुकमणि देवी, स्थानीय
सड़क सुविधा से वंचित कनार गांव के लोग दबाएंगे नोटा
पिथौरागढ़। बंगापानी तहसील की ग्राम पंचायत कनार की दो हजार की आबादी सड़क सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों को 10 से 12 किमी पैदल चलना पड़ता है। ग्रामीण डोली के सहारे रोगियों को अस्पताल पहुंचाते हैं। कई बार अस्पताल पहुंचने से पहले ही रोगियों की मौत हो जाती है। बावजूद इसके ग्रामीणों का दर्द किसी को नहीं दिख रहा है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदीश परिहार गुड्डु का कहना है कि ग्रामीण कई सालों से सड़क सुविधा मांग रहे हैं। उनकी किसी भी जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी। सड़क न होने के कारण लोगों को हर रोज तमाम दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बावजूद इसके ग्रामीणों का दर्द किसी को नहीं दिख रहा है। घोड़े खच्चर भी बदहाल पैदल रास्तों पर बमुश्किल चल पाते हैं।
इसके बाद भी शासन-प्रशासन ने यहां सड़क बनाने की कोई पहल नहीं की। जनता की समस्याओं को लगातार दरकिनार किया जा रहा है। सड़क न होने के कारण बुजुर्ग और बीमार महिलाओं को अस्पताल ले जाने में सबसे अधिक परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि गांव में 1500 लोग रहते हैं। इसमें 900 मतदाता हैं। इस बार ग्रामीण किसी भी दल को वोट नहीं करेंगे।
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