पिथौरागढ़। सीमांत जिले में जल्द रोडवेज बसों की कमी दूर होने के साथ पुरानी और खटारा बसों से मुक्ति मिलने की उम्मीद है। जल्द ही पिथौरागढ़ डिपो को 25 नई बस मिलेंगी। नई बस मिलने से बंद रूटों पर फिर से बसों का संचालन हो सकेगा।
पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में एक दशक पूर्व तक 86 बसें शामिल थीं। वर्तमान में नई बसें न मिलने और पुरानी खटारा बसों के ऑफ रूट होने से इनकी संख्या सिर्फ 56 रह गई है। ऐसे में बसों की कमी से डिपो को मुनस्यारी, मदकोट, बंगापानी सहित अन्य रूटों पर संचालन रोकना पड़ा है। इसकी मार यात्री सह रहे हैं। बसों की कमी और संचालन बंद होने से यात्री टैक्सी के भरोसे सफर करने के लिए मजबूर हैं। अब डिपो और सीमांत के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। आखिरकार लंबे समय बाद पिथौरागढ़ डिपो को नई बस मिलेंगी। निगम अधिकारियों के मुताबिक अगले महीने की शुरुआत में ही 25 नई बसें पिथौरागढ़ पहुंचेंगी। डिपो के बेड़े में बसों की संख्या बढ़ेगी तो बंद रूटों पर फिर से इनके पहिए घूमेंगे और यात्री कम किराये में इनमें सफर कर सकेंगे। संवाद
25 बसें कर चुकीं हैं अपनी उम्र पार
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में शामिल 25 बसें अपनी उम्र पार कर चुकी हैं। ये पुरानी बसें आए दिन सड़कों पर खराब होकर यात्रियों को धोखा दे रही हैं। नई बसें न मिलने से डिपो के लिए किसी तरह पुरानी बसों को सड़कों पर दौड़ाना मजबूरी बना है।
ढाई महीने से टनकपुर वर्कशॉप में खड़ी हैं आठ बसें
पिथौरागढ़। ढाई महीने पहले पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में शामिल 15 बसों में खराबी आ गई थी, इन्हें ठीक करने के लिए टनकपुर वर्कशॉप भेजना पड़ा। सिर्फ सात बसों को संचालन के योग्य बनाया जा सका है जबकि आठ बसें अब भी टनकपुर वर्कशॉप में खड़ी हैं। स्पेयर पार्ट्स न मिलने से बसों की खराबी को दूर नहीं किया जा सका है।
पिथौरागढ़ डिपो में 28 बसों की कमी है। जल्द डिपो को नई बस मिलेंगी। ऐसे में इनकी कमी दूर होने की उम्मीद है। नई बस मिलने से बंद रूटों पर भी इनके संचालन के प्रयास होंगे। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो।