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मूसलाधार बारिश से सीमांत जिले में 22 सड़कें बंद, जनजीवन अस्त व्यस्त

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धारचूला के कालिका खुमती में नदी नालों का जल स्तर बढ़ गया है। सामान कंधे में रखकर तेज बहाव वाली नदी - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़/थल/धारचूला। सीमांत जिले में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिले की 22 सड़कें मलबा आने से बंद हो गई हैं। धारचूला के बलुवाकोट में आवासीय मकान ध्वस्त हो गया। खोतिला गांव में एक मकान के ऊपर बोल्डर गिर गया। प्रशासन ने खतरे की जद में आए परिवारों को प्राथमिक स्कूल खोतिला में शिफ्ट कर दिया है। थल में उफान पर आया गधेरा पैदल पुलिया को बहा ले गया।
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सीमांत जिले में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश हो रही है। इसके चलते नदियों के साथ ही गाड़-गधेरे भी उफान पर आ गए हैं। धारचूला-लिपुलेख और थल-मुनस्यारी सहित कुल 22 सड़कें मलबा आने से बंद हो गई हैं। इनमें दो राज्य सड़कें, एक बार्डर सड़क और 19 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। इन सड़कों पर यातायात ठप होने से लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।
बुधवार रात पांखू क्षेत्र में भीषण बारिश होने से सेरागाड़ उफान पर आ गई। इससे बौंगाड़ के पास बनी पुलिया और सड़क ध्वस्त हो गई। बौंगाड़- बोकलकटिया सड़क ध्वस्त होने सेजड़िया, फल्यांटी, बौंगाड़, तोराथल,च्यूनी, डोबकारा सहित कई गांवों का संपर्क टूट गया है। सड़क के बह जाने से ग्रामीणों के कई निजी वाहन सड़क के दोनों ओर फंस गए हैं।
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भाजपा के जिला उपाध्यक्ष बौंगाड़ निवासी दीपक कार्की का कहना हैं कि टैक्सी वाहनों के फंस जाने से उनके ऊपर रोजी-रोटी का संकट भी पैदा होने लगा है। उन्होंने विभाग से जल्द यातायात सुचारु करने की मांग की है। इसके अलावा इसी के पास निर्माणाधीन लोहे के पुल की सुस्त गति में तेजी लाने की मांग की है।
धारचूला क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से बलुवाकोट में आवासीय भवन जमींदोज हो गया। धारचूला में तीन दिन से बारिश हो रही है। बृहस्पतिवार को बलुवाकोट ग्राम सभा के तोक छुरमुल्ला में गोपाल दत्त भट्ट का आवासीय भवन जमीदोंज हो गया। बुधवार रात खोतिला में दौलत राम के भवन में बोल्डर, पानी और मलबा आने से मकान खतरे की जद में आ गया है। पूर्व बीडीसी सदस्य विजय गर्ब्याल ने आपदा कंट्रोल में घटना की सूचना दी। गर्ब्याल ने बताया कि लगातार हो रही बारिश को देखते हुए भवन स्वामी और उनके परिवार के सदस्यों को रात में ही सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था।
बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी नंदन कुमार के निर्देश पर राजस्व उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार और आपदा प्रबंधन की टीम ने निरीक्षण किया। खतरे की आशंका को देखते हुए परिवार को प्राथमिक पाठशाला खोतिला के भवन में शिफ्ट कर दिया है। इधर पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय में भी बृहस्पतिवार को सुबह बारिश हुई। दिन में मौसम सामान्य रहने के बाद शाम पांच बजे से फिर बारिश का क्रम शुरू हो गया।
एनएचपीसी डैम से छोड़ा गया 110 क्यूमेक पानी, काली नदी का बढ़ा जलस्तर
धारचूला (पिथौरागढ़)। एनएचपीसी छिरकिला डैम से बृहस्पतिवार की सुबह पांच बजे से शाम के आठ बजे के बीच 110 क्यूमेक पानी छोड़ा गया जिसके बाद काली नदी का जलस्तर बढ़ गया। काली नदी का जलस्तर 889.20 मीटर पहुंच गया। डैम से पानी छोड़ने के कारण नदी चेतावनी लेबल से ऊपर बह रही है। एनएचपीसी और प्रशासन एक दिन पूर्व ही पूरे क्षेत्र में डैम से पानी छोड़े जाने की सूचना को सार्वजनिक कर दी थी। काली नदी के बड़े जलस्तर से क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के बीच लोगों को आपदा का डर भी सता रहा है। प्रशासन की ओर से लाउड स्पीकर से लोगों को महाकाली के किनारे नहीं जाने की अपील की जा रही है।
तीन दिन से आदि कैलाश यात्रियों को जारी नहीं किए जा रहे परमिट
धारचूला(पिथौरागढ़)। पिछले तीन से बारिश से तवाघाट- लिपुलेख सड़क मलघाट के पास बंद है। खतरे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तीन दिन से इनर लाइन परमिट जारी करने का काम बंद कर दिया है।
भारी बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ- साथ सुरक्षा कर्मियों को वाहनों की पलटी करके आवाजाही करनी पड़ रही है। लगातार बारिश से बोल्डर और मलबा आने से मलघाट और खेत नामक जगह पर सड़क खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। मौसम सही होने पर शुक्रवार दिन तक सड़क खोल दी जाएगी। लगातार हो रही बारिश से खतरे की आशंका को देखते हुए तहसील प्रशासन ने तीन दिन से इनर लाइन परमिट जारी करने बंद कर दिए हैं। उपजिलाधिकारी नंदन कुमार ने भी जानमाल के खतरे को देखते हुए यात्रियों से फिलहाल यात्रा न करने की सलाह दी है।
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