कीर्तिनगर तहसील परिसर से आयुष की माँ को घर वापस ले जाते मलेथा के लोग।
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राजकीय इंटर कॉलेज कीर्तिनगर में मारपीट में मारे गए छात्र के शव के साथ ग्रामीणों ने करीब ढाई घंटे तक तहसील कार्यालय को घेरे रखा। एसडीएम कीर्तिनगर अजयवीर सिंह ने बताया कि मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी ने स्कूल के प्रधानाचार्य और व्यायाम शिक्षक के निलंबन की संस्तुति दे दी है। जबकि जिलाधिकारी टिहरी ने मजिस्टीरियल जांच के आदेश दिए हैं। पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीण मान गए और शव लेकर लौट गए।
17 अगस्त को जीआईसी कीर्तिनगर में कुछ छात्रों में झगड़े के बाद मारपीट हो गई। मारपीट में आयुष नेगी (17) निवासी मलेथा को अंदरूनी चोटें आईं। 20 अगस्त को देहरादून के अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। इससे आक्रोशित लोगों ने शनिवार को भी तहसील का घेराव किया था। रविवार को ग्रामीण आयुष के शव समेत उसकी माता बबीता को लेकर तहसील पहुंच गए। वहां उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
ग्रामीणों से वार्ता करने मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी रविंद्र चमोली, एसडीएम अजयवीर सिंह, खंड शिक्षाधिकारी डा. सुरेंद्र सिंह नेगी और कोतवाल रविंद्र यादव पहुंचे। मृतक की माता बबीता देवी ने बताया कि उनके बेटे को इतना मारा गया था कि उसका कंधा निकल गया और पेट के अंदर आंतों व किडनी को नुकसान पहुंचा। इससे उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल की लापरवाही से आयुष की जान गई है। झगड़े की बात संज्ञान में होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने स्कूल के प्रधानाचार्य और घटना के बारे में जानकारी रखने वाले शिक्षकों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज करने की मांग की। कोतवाल यादव ने बताया कि घटना में शामिल दो छात्रों को किशोर न्यायालय में पेश करने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। विवेचना जारी है। बाद में अधिकारियों के समझाने और कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर ग्रामीण पूर्वाह्न लगभग सवा 11 बजे शव लेकर चले गए।