परीक्षाफल में सुधार कर घोषित करने सहित अन्य मांगों के लिए एचएनबी गढ़वाल विवि स्टूडेंट वाइस ग्रुप के बैनर तले छात्रों ने गढ़वाल विवि के प्रशासनिक भवन में प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया तो परीक्षा नियंत्रक और छात्रों के बीच जमकर बहस हो गई। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक प्रो. अरुण रावत ने स्पष्ट किया कि जिन भी छात्रों की औपचारिकता पूर्ण थी, उनके परीक्षाफल घोषित किए जा चुके हैं।
शुक्रवार को एचएनबीजीयू स्टूडेंट वाइस ग्रुप के सदस्य सौरभ चंद्र सानू के नेतृत्व में छात्र परीक्षा नियंत्रक से वार्ता करने प्रशासनिक भवन पहुंचे और प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने परीक्षा नियंत्रक प्रो. रावत का घेराव करते हुए कहा कि पूर्व में हुई सेमेस्टर परीक्षाओं के बाद उन्होंने असाइनमेंट विभागों में जमा करा दिए थे, जिन्हें विभाग की ओर से परीक्षा अनुभाग को भेज दिया गया था। इसके बावजूद उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कारोना महामारी के दौरान कई छात्र-छात्राएं परीक्षा आवेदन शुल्क जमा नहीं कर पाए। इस वजह से उनका परीक्षाफल रुका हुआ है। संबंधित छात्रों से विलंब शुल्क लेकर रिजल्ट घोषित किया जाए। हंगामे की सूचना पर विवि मुख्य नियंता प्रो. बीपी नैथानी व सुरक्षा अधिकारी हेम जोशी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र नहीं माने। बाद में छात्रों की पुन: परीक्षा नियंत्रक से वार्ता हुई। परीक्षा नियंत्रक प्रो. रावत ने छात्रों को बताया कि आंतरिक परीक्षाओं की अंक सूची में अनुपस्थित दर्शाए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। विगत 20 जनवरी को पत्र भेजकर ऐसे प्रकरणों पर विभागीय समिति गठित कर किसी गलती की वजह से छूट गए असाइनमेंट के नंबर भेजने के लिए कहा गया था। विभागों की ओर से 30 जनवरी तक जो सूची आई, उस आधार पर परीक्षाफल घोषित किए गए। यदि किसी ने बाद में असाइनमेंट जमा करवाए होंगे, तो इसमें परीक्षा विभाग की गलती नहीं है।