राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त युवा अतुल चौकस गोमुख से गंगा सागर तक पदयात्रा पर निकले हैं। 205 किमी चलकर वह बृहस्पतिवार रात को गंगा तीर्थ देवप्रयाग पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वह यात्रा के दौरान गंगाजल और आंकड़े भी एकत्रित कर रहे हैं। उन्हें वह परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों को सौंपेंगे।
कंप्यूटर इंजीनियर अतुल ने बताया कि गंगा पदयात्रा के लिए अवसाद पीड़ित पत्नी की असमय मृत्यु ने प्रेरित किया। उन्होंने संगम को मानसिक शांति देने वाला आध्यात्मिक स्थान बताया। उन्होंने बताया कि पदयात्रा के दौरान वे उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल में लोगों को जीवन का महत्व समझाकर उन्हें आत्महत्या जैसा कदम उठाने से रोकेंगे। उन्होंने बताया कि अवसाद ग्रस्त लोगों के लिए उनकी मानसिक अस्पताल बनाने की भी योजना है। इसके लिए वह धनराशि भी जुटा रहे हैं। थार मरुस्थल को पार कर चुके अतुल के अनुसार वह गंगा पद यात्रा का वृत्तचित्र भी तैयार कर रहे हैं।