जनपद पौड़ी को त्रि-स्तरीय पंचायत उपचुनाव में भी एक क्षेत्र पंचायत सदस्य व चार ग्राम प्रधान नहीं मिल पाए हैं। इसके पीछे आरक्षण, शिक्षा, नामांकन नहीं होना कारण बताया जा रहा है। जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 893 ग्राम पंचायत सदस्य के पद भी रिक्त रह गए हैं।
जनपद पौड़ी में 1174 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें वर्ष 2019 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत जनप्रतिनिधियों का चयन हो गया था, लेकिन आरक्षण के अनुरूप प्रत्याशी नहीं मिलने सहित अन्य कारणों के चलते 37 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, एक क्षेत्र पंचायत सदस्य व 1086 ग्राम पंचायत सदस्य के पद रिक्त रह गए थे। अब इस वर्ष डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी ने विगत 9 जून को त्रि-स्तरीय पंचायत उपचुनाव की अधिसूचना जारी की थी। प्रभारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन गोदियाल ने बताया कि ब्लाक थलीसैंण की एक क्षेत्र पंचायत सदस्य सीट कठूड़ पर किसी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। सीट ओबीसी महिला आरक्षित है, लेकिन यहां ओबीसी महिला प्रत्याशी ही नहीं मिली। उन्होंने बताया कि विकास खंड एकेश्वर के बमोली गांव में ग्राम प्रधान के रिक्त पद पर किसी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। बताया गया कि पंचायत में शामिल दो गांवों में बारी-बारी से आपसी सहमति के तहत ग्राम प्रधान निर्विरोध चुना जाता है। जिस गांव की इस बार बारी थी, वहां अनुजाति आरक्षित इस सीट पर प्रत्याशी ही नहीं मिल पाया। बीरोंखाल ब्लाक के सिसई ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान पद महिला आरक्षित है, लेकिन शिक्षा के मानकों में खरा नहीं उतरने पर किसी ने प्रधान पद पर नामांकन ही नहीं किया। गोदियाल ने बताया कि कोट ब्लाक के खोला कंडवालस्यूं ग्राम पंचायत में प्रधान पद ओबीसी महिला आरक्षित है, लेकिन यहां कोई महिला ओबीसी प्रत्याशी नहीं मिल पाई। बताया कि नैनीडांडा ब्लाक के पंजारा बड़ा ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान पद अनुसूचित जाति आरक्षित है, यहां भी शिक्षा के मानक के चलते किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। प्रभारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी गोदियाल ने बताया कि 15 विकास खंडों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्य के 893 पदों पर भी अनेक कारणों के चलते किसी प्रत्याशी ने कोई नामांकन दाखिल नहीं किया।