ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग परियोजना प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने सुरंग निर्माण से क्षतिग्रस्त भवनों का मुआवजा नहीं मिलने और विस्फोटों पर नियंत्रण नहीं लगने पर तहसील परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। उन्होंने शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
मंगलवार को रेलमार्ग परियोजना प्रभावित क्षेत्र स्वीत, डुंगरीपंथ, चोपड़ा और ढामक के लोग उप जिलाधिकारी श्रीनगर अजयवीर सिंह से वार्ता करने तहसील कार्यालय पहुंचे। उप जिलाधिकारी के शासकीय कार्यों की वजह से क्षेत्र से बाहर होने पर प्रभावितों ने प्रशासन और आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुरंग निर्माण से आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। खोदाई के लिए भारी विस्फोट किए जा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर दिसंबर 2021 में क्षतिग्रस्त भवनों के आकलन के लिए जिला प्रशासन ने समिति का गठन किया था। समिति ने स्वीत गांव में 224 क्षतिग्रस्त भवनों का 1,58,15,717 रुपये का आगणन प्रस्तुत किया।
समिति की रिपोर्ट के आधार पर विशेष भूमि अध्याप्ति (एसएलओ) ने 10 जनवरी को पत्र भेजते हुए आरवीएनएल को डीएम पौड़ी के खाते में उक्त धनराशि जमा कराने को कहा, लेकिन आरवीएनएल ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया।
प्रभावितों ने कहा कि इसके बाद से मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई, जबकि प्रभावित कई बार मामले के निस्तारण की मांग कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और आरवीएनएल प्रभावितों की समस्याओं का निस्तारण नहीं करता है, तो प्रभावित सड़क में उतर जाएंगे।
इस अवसर पर अनिल दत्त तिवारी, बिड़ला परिसर के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकित रावत, विक्की रावत, संदीप रावत, मंजू देवी और पंकज कंडारी आदि मौजूद थे। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के प्रदेश संयोजक डॉ. मुकेश सेमवाल और छात्र संगठन डीएसओ (डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन) के संदीप कुमार ने भी तहसील में पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।