जिले में रामलीला मंचन के चौथे दिन कोपभवन में राजा दशरथ व कैकेयी का संवाद दर्शकों को भावुक कर गया। मंचन से पूर्व रामलीला मंचन एवं सांस्कृतिक समिति के पदाधिकारियों, स्वयं सेवियों ने समिति के वयोवृद्घ संरक्षक महिताब सिंह रावत की पत्नी दमयंती देवी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यालय पौड़ी में रामलीला के 121वें मंचन के चौथे दिन सबसे पहले भगवान श्रीराम की वंदना की गई। इस दौरान राजा दशरथ व सुमंत के बीच संवाद दर्शकों को अभिभूत कर गया। सुमंत-मंथरा संवाद, कैकेयी-मंथरा संवाद के बाद कैकेयीकोपभवन में चली गई। जहां कैकेयी श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास व भरत को राजगद्दी दिए जाने का हठ करने लगी। कैकेयी को मनाने राजा दशरथ कोपभवन पहुंचे। वहां दशरथ व कैकेयी का संवाद दर्शकों को भावुक कर गया। राम-कौशल्या संवाद के साथ रामलीला के चौथे दिन का मंचन संपन्न हुआ। दशरथ का पात्र सुदर्शन बिष्ट ने निभाया। उनके लिए मनोज रावत अंजुल ने पार्श्व गायन किया। कैके यी की भूमिका में जयश्री, मंथरा की भूमिका में काजल के लिए पार्श्व गायन सोनिका गैरोला, कौशल्या की भूमिका में आरती बहुगुणा के लिए पार्श्व गायन कविता ममगाईं ने किया। वंदना भावनृत्य में सुनील रावत ने शानदार प्रस्तुति दी। मंच निर्देशन सुबोध रावत और संचालन वीरेंद्र खंकरियाल ने किया।